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क्या आप भी हैं मच्छर के काटने से परेशान ? तो इन 4 करणों से आप हो सकते हैं मच्छर के शिकार

मौसम कैसा भी हो आपके पास कुछ हो या ना हो , लेकिन एक चिज आपको हमेशा देखने को मिलेगा की आपके आस-पास मच्छरों की कमी नहीं होती है.

अगर मच्छरों की दुश्मनी सिर्फ आपसे ही है , और वह घुम फिर कर आपको ही आकर काटते  रहते हैं , तो मैं आपको बता दूं की ये मच्छर आपको किसी दुश्मनी के कारण नहीं बल्कि इन मच्छरों को काटने के पीछे कुछ अहम कारण होता है .चलिये जानतें हैं कि ऐसा क्या कारण हो सकता है कि मच्छर काटते हैं . 

ब्लड ग्रुप 


जिस व्यक्ति का ब्लड ग्रुप o रहता है । उस ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति को मच्छर ज्यादा काटते हैं । प्रेगनेंट औरतों को और मोटे लोगों का मेटाबॉलिक रेट ज्यादा होता है , और मेटाबॉलिक रेट भी मच्छरों की पसंद को प्रभावित करता है , इसलिए मच्छर उस व्यक्ति को ज्यादा काटते हैं.

पसीना और महक
 

मच्छर खुशबू तथा बदबू दोनों सूंघ सकते हैं. अगर मच्छरों को आपके शरीर से आ रही गंध अच्छी लगेगी तो वे आपको ज्यादा काट सकते हैं. उसे लैक्टिक एसिड, अमोनिया और अन्य कंपाउंड्स के नाम से भी जाना जाता है .


गैस 

कार्बनडाइऑक्साइड एक ऐसा गैस है जिस से मच्छरों की पहचान है. तथा 5 से 15 मीटर दूर से ही मच्छर अपने निशाने को पहचान लेता हैं. जो लोग जितनी लंबी सांसे लेते हैं यानी कार्बनडाइऑक्साइड प्रोड्यूस करते हैं, उतने ही मच्छर उनकी तरफ आकर्षित होते हैं.


स्किन

स्किन के ऊपर मौजूद बैक्टीरिया  (Bacteria) मच्छरों के लिए  एक आमंत्रण होता है. जिस से कई रिसर्च कहना हैं, कि व्यक्ति के शरीर पर जितने भी बैक्टीरिया होंगे उतने ही मच्छर उसकी तरह आएंगे. इसलिये मच्छर ज्यादातर पैरों में काटते हैं क्योंकि वहां बैक्टीरिया ज्यादा होते हैं.