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Cyber Crime: बैंकिंग फ्रॉड होने के बाद जल्दी करें ये काम | आ सकता पैसा वापस

 सोशल मीडिया पर अक्सर  कोई शख्स किसी अन्य व्यक्ति की फर्जी  अकाउंट  बना लेता है. जब  की  फर्जी  सोशल मीडिया प्रोफाइल को लेकर लेकर भी आईटी एक्ट, 2000 में प्रावधान किए गए हैं.

Banking Fraud: इंटरनेट में  आजकल हर  किसी  को  जानकारी  है. और  सरकार की ओर से भी लोगों के काम आसान करने के लिए कई सारे काम  की प्रक्रिया को ऑनलाइन ही किए जा रहे हैं. और  वहीं गांव-गांव तक इंटरनेट को  पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से  कई  सरे प्रयास भी किए जा रहे हैं. हालांकि इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही  इंटरनेट बहोत  सारे  गलत इस्तेमाल भी  हो रहा है. वहीं बहोत  ऐसे अपराध भी सामने आता  हैं जो साइबर क्राइम के अंतर्गत आते हैं. साइबर क्राइम से  बचने  के लिए सरकार की तरफ  से कानून भी बनाया गया है. साइबर क्राइम की घटना को रोकने  के लिए सरकार की ओर से (Information Technology Act, 2000) लागू किया गया था.

साइबर क्राइम की बढ़ी घटनाएं

इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट(INFORMATION TECNOLOGY ), 2000 के बारे में विस्तार से बताते हुए राजकीय विधि महाविद्यालय, चूरू के प्राचार्य डॉ. एसके सैनी ने कहा कि इंटरनेट को  सही कामो  के साथ ही इसका  उपयोग गलत कामो में  भी  बढ़ गया है, जिसके वजह  से बैंक फ्रॉड  जैसे  साइबर क्राइम की घटनाएं भी बढ़ गयी  है  हैं. डॉ. एसके सैनी के मुताबिक इंटरनेट के माध्यम से गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल होना, चोरी करना, इलेक्ट्रॉनिक मनी लॉन्ड्रिंग आदि साइबर क्राइम है. इससे बचने के लिए इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 सरकार की तरफ  से कानून   लाया गया था. साइबर क्राइम के तहत किसी ब्यक्ति को  का शारीरिक रूप से घटनास्थल पर मौजूद होना जरूरी नहीं है. वहीं साइबर टेररिज्म (Cyber Terrorism) भी साइबर क्राइम की कैटेगरी में आता है.

बैंकिंग फ्रॉड के  बारे  पूरी  जानकारी 
एसके सैनी  मुताबिक  लोगों को लूटने, धोखाधड़ी जैसे काम भी आजकल इंटरनेट के तहत  से किए जा रहे हैं. और  बैंकिंग फ्रॉड की घटनाये  भी काफी बढ़ गए हैं. इस तरह के साइबर  क्राइम   को रोकने के  इस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है. अगर कोई ब्यक्ति  बैंकिंग फ्रॉड में मिला  पाया जाता है तो उस पर IT Act, 2000 की धारा 77B, 66D के तहत कार्रवाई की जा सकती है.  और इसके अलावा IPC की धारा 419, 420 और 465 भी जोड़ी जा सकती है. बैंकिंग फ्रॉड हो जाने पर जितना जल्दी हो सके इसकी शिकायत करना  अनिवार्य है जितना   जल्दी शिकायत  होगी  उतना  ही जल्दी कार्रवाई होगी और पैसा वापस मिलने के आसा   बढ़ सकते हैं.


कहा  करे साइबर  क्राइम का  शिकायत

एसके सैनी ने बताया कि अगर किसी  ब्यक्ति  के साथ  साइबर  क्राइम  या  बैंकिंग फ्रॉड का  जसा  घटना  होता है  तो पीड़ित भारत सरकार के पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकता है. इसके अलावा वो शख्स अपने नजदीकि पुलिस स्टेशन पर जाकर भी साइबर क्राइम की शिकायत दर्ज कर सकती है.