डॉ. भीमराव अंबेडकर की 127 वीं जन्म जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को दिल्ली के गणेश नगर चौक पर बाबा साहब के अनुयायियों द्वारा आयोजित भंडारे में पूरी-सब्जी का वितरण करते स्थानीय युवा।(तस्वीर : हिंद वॉच)
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दिल्ली : भारतीय संविधान के निर्माता और वंचित समाज के मसीहा माने वाने वाले बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 127 वीं जन्म जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को दिल्ली के गणेश नगर चौक पर बाबा साहब के अनुयायियों और स्थानीय युवाओं द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। सबके लिए आयोजित किए गए इस भंडारे में पांच सौ से ज्यादा लोगों ने पूरी-सब्जी का प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के आयोजक मंडल के सक्रिय सदस्य गाँधी गौतम ने बताया कि “हर वर्ष 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर गणेश नगर में युवाओं के समूह द्वारा भंडारे का आयोजन किया जाता है और यह लम्बे समय से चल रहा है।”

(तस्वीर : हिंद वॉच)

भंडारे का शुभारम्भ बाबा साहब की तस्वीर पर पुष्पांजलि देकर किया गया। भंडारा स्थल पर बने पंडाल में “जब तक सूरज-चाँद रहेगा, बाबा तेरा नाम रहेगा” और डॉ. अंबेडकर एक ही सपना, लोककल्याणकारी राज्य हो अपना” जैसे नारों के बैनर लगे थे। इस आयोजन की विशेषता यह थी कि इस भंडारे के आयोजक के रूप में न तो किसी संस्था का नाम लिखा था न ही किसी व्यक्ति का।

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए आयोजक मंडल के सदस्यों भानु प्रताप, विजय कुमार, मुकेश कुमार, सोम कुमार, अरुण आर्यन, बसंत कुमार, अरुण कुमार और हरीश कुमार के साथ-साथ अन्य स्वयंसेवकों ने सक्रियता से अहम भूमिका निभाई।

दोपहर एक बजे शुरू होकर इस भंडारे का समापन शाम 5 बजे हुआ। पांच सौ से ज्यादा लोगों ने भंडारे में पूरी-सब्जी का प्रसाद ग्रहण किया, जिनमे मजदूर, नौजवान, बच्चे, महिलाएं, राहगीर और स्थानीय निवासी शामिल थे।

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