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नई दिल्ली
ज विश्व जनसंख्या दिवस है, इस दिन को मनाने के पीछे कारण, हर सेकंड बढ़ रही आबादी के मुद्दे पर लोगों का ध्यान खींचना है। इस दिन की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की शासी परिषद द्वारा पहली बार 1989 में तब हुई जब आबादी का आंकड़ा करीब पांच बिलियन के आस-पास पहुंच गया था। संयुक्त राष्ट्र की गवर्निंग काउंसिल के फैसले के अनुसार, वर्ष 1989 में विकास कार्यक्रम में, विश्व स्तर पर समुदाय की सिफारिश के द्वारा यह तय किया गया कि हर साल 11 जुलाई विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम(यूएनडीपी) की शासी परिषद द्वारा पहली बार 1989 में तब हुई जब आबादी का आंकड़ा करीब पांच बिलियन के आस-पास पहुंच गया था। संयुक्त राष्ट्र की गवर्निंग काउंसिल के फैसले के अनुसार, वर्ष 1989 में विकास कार्यक्रम में, विश्व स्तर पर समुदाय की सिफारिश के द्वारा यह तय किया गया कि हर साल 11 जुलाई विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन को मनाने के पीछे कारण, हर सेकंड बढ़ रही आबादी के मुद्दे पर लोगों का ध्यान खींचना है।

साल 2018 में वर्ल्ड पॉप्युलेशन डे की थीम है- परिवार नियोजन हर मनुष्य का अधिकार है। भारत के लिए बढ़ती जनसंख्या सबसे बड़ी चुनौती हैं। जहां एक तरफ पूरे विश्व की जनसंख्या 7 अरब 63 करोड़ 49 लाख 40 हज़ार 24 है तो अकेले भारत की जनसंख्या 1 अरब 36 करोड़ 19 लाख 21 हज़ार 572 है।
अगर इसी रफ्तार से भारत की जनसंख्या वृद्धि दर यूं ही बनी रही तो भारत आने वाले 6 साल में चीन को भी पीछे छोड़ दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन जाएगा। भारत में दुनिया की 17.9 फीसदी आबादी रहती है, जबकि चीन में अभी 18.5 फीसदी आबादी है। ऐसे में बढ़ती जनसंख्या भारत के लिए सबसे बड़ी परेशानी है।

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हर सेकेंड पैदा होते हैं 4 बच्चे

दिन में हर सेकेंड में 4 बच्चे जन्म लेते हैं और 2 लोग मर जाते हैं। यानी जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो दुनिया में 2050 तक 70 फीसदी प्रदूषित शहरों में रहेगी।

चीन नंबर वन

इस वक्त विश्वे की कुल जनसंख्या0 7.6 बिलियन यानी कि 760 करोड़ है। अकेले चीन में 141 करोड़ लोग रहते है और जनसंख्या के मामले में चीन दुनिया में नबंर वन है। दूसरे स्थान पर भारत (135 करोड़) और अमेरिका (32.67 करोड़ ) तीसरे नंबर पर है।

जनसंख्या के प्रति जागरुकता

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र संघ की पहल पर ही हर साल 11 जुलाई को पूरी दुनिया में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। जनसंख्या रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने जरूरी हैं। यही वजह है कि इस दिन बढ़ती हुई जनसंख्या के प्रति लोगों को जागरुक किया जाता है और रिप्रॉडक्टिव हेल्थ के महत्व के बारे में भी जानकारी दी जाती है।

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