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कई बार खेल को खिलाड़ी इतने संजीदा होकर खेलते हैं कि वह उनकी जीवन के सबसे अहम जिद बन जाती है। कुछ खेल जगत में फैला भ्रष्टाचार कहें यह खेल संघों की भेदभावभरी नीतियां कि कई बार होनहार खिलाड़ी खेल प्रतियोगिता में सही मौका नहीं पा पाते।

कुछ खिलाड़ी तो इस भेदभाव को लेकर चुप हो जाते हैं जबकि कुछ अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद करते हैं। ऐसी ही एक खिलाड़ी है पैरा पावर-लिफ्टर सकीना खातून।

सकीना सालों से कॉमनवेल्थ खेल में अपने मौके का इंतजार कर रही थी लेकिन जब उसे मौका नहीं मिला तो सकीना ने खुलेआम धमकी दी है कि वह आत्महत्या कर लेगी।

दरअसल ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में इस साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सूची में अपना नाम न होने के बाद पैरा एथलीट ने धमकी दी है कि अगर उसके नाम पर विचार नहीं किया गया तो वह इंडियन ऑलम्पिक एसोसिएशन के सामने आत्महत्या कर लेगी।

सकीना खातून ने कहा “मैं अभी तक देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों की सूची में अपने नाम के दर्ज होने का इंतजार कर रही हैं। मैं इसके खिलाफ आखिर तक लडूंगी। अगर मेरा नाम सूची में शामिल नहीं किया जाता है तो मैं कोर्ट तक जाऊंगी क्योंकि उन्होंने मेरी जिंदगी खराब की है।”

खातून ने कहा “इस मामले को मैं ऐसे नहीं छोडूंगी, इसके लिए मुझे आईओए के सामने आत्महत्या ही क्यों न करनी पड़े।”

आपको बता दें कि ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में खातून ने लाइटवेट में कास्य पदक जीता था। बहरहाल संघ को चाहिए कि वह आपस में बात करके कोई बीच का रास्ता निकाले।

किसी भी खिलाड़ी का इस तरह मोरल डाउन नहीं गोन चाहिए। यही खिलाड़ी देश का नाम रोशन करते हैं।

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