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अब तक क्रिकेट में ही मैच फिक्सिंग की बातें सुनाई देती थीं लेकिन अब फुटबॉल भी इसकी जद में आता दिख रहा है। जी हां, जिस भी खेल से कमाई होने के अवसर बढ़ जाते हैं वहां फिक्सर आ जाते हैं।

बहरहाल आई लीग टीम मिनेर्वा एफसी की मैच फिक्सिंग की कोशिश के खिलाफ रिपोर्ट पर अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (AIFF) ने यहां भ्रष्टाचार के मुद्दे पर शून्य-सहिष्णुता नीति अपनाने की बात के साथ कहा कि वे इस खेल की ‘अखंडता को बचाने’ के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

फीफा के दिशा-निर्देशों के मुताबिक अगस्त 2014 से एआईएफएफ के इंटिग्रिटी अधिकारी का जिम्मा संभालने वाले जावेद सिराज ने कहा कि फिलहाल जरूरत इस बात की है कि खेल की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी खतरे का मिलकर सामना किया जाए।

फिक्सरों के मिनेर्वा पंजाब टीम के फुटबॉलर्स से संपर्क करने की खबरों पर सिराज ने कहा, ‘मुझे उन दो खिलाड़ियों की तारीफ करनी होगी, जिन्होंने उसकी पहचान कर प्रस्ताव को ठुकराया और इसकी जानकारी दी।’

उन्होंने कहा, ‘हमें क्लब से आधिकारिक शिकायत मिलने की प्रतीक्षा है और फुटबॉल की अखंडता को बचाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’

मिनेर्वा क्लब के मालिक रंजीत बजाज ने ट्वीट किया था कि क्लब के एक भारतीय और एक विदेशी खिलाड़ी से संदिग्ध फिक्सरों ने संपर्क कर 30 लाख रुपये की घूस देने की पेशकश की थी।

सिराज ने कहा, ‘हम विभिन्न क्लबों और आयु वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के साथ लगातार जागरूकता के लिए कार्यशालाएं आयोजित करते रहते हैं।

इस बार भी आई लीग शुरू होने से पहले हमने ज्यादातर क्लबों से संपर्क कर उन्हें आपात स्थिति से निपटने के तरीके बताये थे।’

हालांकि इस बार तो फिक्सर चूक गए हैं लेकिन कोई न कोई इनके लालच के जाल में फंस सकता है।

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