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नई दिल्ली
मिलनाडु के पूर्व सीएम और DMK प्रमुख 94 वर्षीय एम करुणानिधि का मंगलवार को निधन हो गया। उन्होंने मंगलवार शाम 6:10 बजे चेन्नई के कावेरी अस्पताल में आखिरी सांस ली। इस खबर के आते ही तमिलनाडु समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। डीएमके समर्थकों में मातम पसर गया। डीएमके पूर्व सीएम एमजीआर और जयललिता की तरह ही मरीना बीच पर उनका समाधिस्थल चाहती है। सरकार ने वहां जगह देने से इनकार कर दिया। समर्थक रात को ही हाईकोर्ट पहुंच गए। रात 11 बजे कार्यवाहक चीफ जस्टिस के घर पर ही दो जजों की बेंच ने सुनवाई शुरू की। करीब दो घंटे सुनवाई चली।

सरकार ने जवाब देने के लिए वक्त मांगा तो कोर्ट ने सुनवाई सुबह 8 बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी। इससे पहले सरकार ने डीएमके को गांधी मंडपम में दो एकड़ जगह देने की पेशकश की थी लेकिन वे मरीना बीच पर ही जगह लेने पर अड़े रहे। समर्थकों ने विरोध में तोड़फोड़ भी की। पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

करुणानिधि के निधन पर केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। दिल्ली समेत सभी राज्यों की राजधानी में बुधवार को राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। तमिलनाडु में राज्य सरकार ने 7 दिन के शोक की घोषणा की है। बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर 1 बजे तक करुणानिधि का शव उनके गोपालपुरम आवास पर और इसके बाद 4 बजे से राजाजी हॉल में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।

बुधवार को सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छुट्टी कर दी गई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और अभिनेता रजनीकांत समेत अन्य नेताओं ने ट्वीट कर करुणानिधि के निधन पर शोक जताया है।

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