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ई दिल्ली (नेशनल डेस्क)
भारत में पहली बार ऐसा हुआ है की प्रमुख जाँच संस्था सीबीआई के आला अफसरों पर ही भ्रष्टाचार के दाग लग गए हों। आनन-फानन में सीबीआई में मचे घमासान के बीच सरकार को सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश को छुट्टी पर भेज देना पड़ता है। फिलहाल सीबीआई मुख्यालय स्थित दोनों अफसरों के दफ्तरों को सील कर दिया गया है।

वहीं ज्वाइंट डायरेक्टर एम  नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाया गया है। अग्रिम आदेशों तक अब सीबीआई का कामकाज एम नागेश्वर राव ही देखेंगे। राव की पहचान एक तेज-तर्रार अफसर की है।वह इससे पहले सीबीआई में ज्वाइंट डायरेक्टर के पद पर तैनात थे। मूल रूप से तेलंगाना के वारंगल के रहने वाले हैं।

सीबीआई के निदेशक बनने के पहले वह दक्षिणी ज़ोन के ज्वाइंट डायरेक्टर थे। उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में उन्होंने शारदा चिट फंड स्कैम की जांच भी की। अपने बेहतरीन रिकॉर्ड की वजह से उन्हें राष्ट्रपति पुलिस मेडल से नवाज़ा जा चुका है। इसके अलावा स्पेशल ड्यूटी मेडल और गवर्नर मेडल भी उन्हें मिल चुका है।

वह ओडिशा के चार ज़िलों मयूरभंज, नबरंगपुर, बरगढ़ और जगतसिंहपुर में पुलिस अधीक्षक के तौर पर भी काम कर चुके हैं। नागेश्वर राव राउरकेला और कटक में रेलवे में पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ क्राइम ब्रांच के भी पुलिस अधीक्षक के तौर पर काम कर चुके हैं।

राव पहले पुलिस अधिकारी थे जिन्होंने ओडिशा में 1996 में एक रेप केस में जांच के लिए पहली बार डीएनए फिंगर प्रिंट का प्रयोग किया, जिसकी वजह से अपराधी को सात साल की सज़ा हुई। मणिपुर में डीआईजी(ऑपरेशंस), सीआरपीएफ के पद पर रहते हुए उग्रवादियों के खिलाफ इनके द्वारा की गई कार्रवाई की काफी तारीफ की गई।

2008 में सीआरपीएफ, ईस्टर्न सेक्टर के आईजी के पद पर रहते हुए उन्होंने कोलकाता के लालगढ़ में नक्सलवादियों के खिलाफ व्यक्तिगत स्तर पर ऑपरेशन की अगुवाई की थी। सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन को बनाने में भी इन्होंने बड़ी भूमिका अदा की। 2008 में ही आईजी सीआरपीएफ के रूप में काम करते हुए इन्होंने कंधमाल जिले में दंगों को नियंत्रित करने में भी बड़ी भूमिका निभाई।

फायर सर्विस के प्रमुख के रूप में नागेश्वर राव ने विभाग के काम करने के तरीके में काफी बदलाव किया। साइक्लोन फाइलिन और हुदहुद से समय फायर सर्विस द्वारा किए गए बेहतरीन काम के लिए उन्हें ‘सीएम अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन गवर्नेंस एंड इनोवेशन इन पब्लिक सर्विस’ दिया गया।

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