A ritual in Indian Hindu Wedding. Bride and groom holding hands.
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आजकल की युवा पीढ़ी डिजिटल दुनिया में रहती हैं। संबंध भी वहीं बनाती है और तो और दुल्हन भी खोज लेती है। वर्चुअल दुनिया के मोह में फंसे युवा जब दुनियादारी के सामने आते हैं तब उन्हें ओआते चलता है कि असल दुनिया कितनी अलग है।

दरअसल जो लोग फेसबुक ओकर लड़की देखकर शादी कर लेते हैं, उनकी शादी फेल हो जाती है, यह बात तो कई घटनाओं में सामने आ चुकी है लेकिन इस बात पर अब अदालत ने भी मोहर लगा दी है।

दरअसल युवाओं के नए मित्र और जीवनसाथी की तलाश करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेने की बढ़ती प्रवृत्ति पर गुजरात उच्च न्यायालय ने एक कपल को अपने विवाह संबंध को समाप्त करने की सलाह दी है।

न्यायालय ने कहा है कि फेसबुक के जरिए होने वाली शादी का ‘विफल होना तय’ है। न्यायमूर्ति जे बी पर्दीवाला ने यह टिप्पणी अपने 24 जनवरी के आदेश में की।
इसमें उन्होंने घरेलू हिंसा के एक मामले का निस्तारण किया। इस मामले में राजकोट की फैंसी शाह ने पति जयदीप शाह और सास-ससुर पर दहेज के लिये उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।

न्यायाधीश ने कहा, ‘उनकी शादी हुई और दो महीने के भीतर उनके वैवाहिक जीवन में समस्या आने लगी। मैं इस तथ्य पर गौर करूंगा कि सभी पक्षों ने मामले का समाधान करने का प्रयास किया। हालांकि समझौता नहीं हो सका।’

न्यायाधीश ने कहा, ‘यह फेसबुक पर निर्धारित आधुनिक शादियों में से एक है, जिसका विफल होना तय है।’ नवसारी के रहने वाले जयदीप फेसबुक के जरिए 2011 में फैंसी के संपर्क में आए थे।

उस दौरान वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। फरवरी 2015 में दोनों की उनके माता-पिता की रजामंदी से शादी हुई। हालांकि, उनके दांपत्य जीवन में दो महीने के भीतर ही परेशानी आने लगी।

जाहिर है अदालत का यह फैसला और तर्क युवाओं के लिए एक सबक तो है ही।

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