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एनबीटी ने आकाशवाणी साहित्य संपदा के तीन खंडों का किया लोकार्पण

थीम मंडप में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा प्रकाशित आकाशवाणी साहित्य संपदा के तीन खंडों का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर प्रसार भारती के अध्यक्ष, श्री ए. सूर्यप्रकाष, एनबीटी के अध्यक्ष डॉ. बल्देव भाई शर्मा, आकाशवाणी के महानिदेषक श्री फैयाज़ शहरयार तथा दूरदर्शन की महानिदेशक सुश्री सुप्रिया साहू उपस्थित थीं। कार्यक्रम की भूमिका आकाशवाणी लोकसंपदा संरक्षण महा परियोजना के समन्वयक श्री सोमदत्त शर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई तथा धन्यवाद ज्ञापन आकाशवाणी के अपर महानिदेषक डॉ. शैलेंद्र कुमार ने किया। साहित्य संपदा का प्रकाशन न्यास की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसके लिए न्यास व आकाशवाणी के बीच अनुबंध किया गया था। इस श्रृंखला में विभिन्न भारतीय भाषाओं में संस्कार गीत व अन्य महत्वपूर्ण प्रकाशन और किए जाने हैं।

आज मेले में लेखक मंच पर प्रभात प्रकाशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम, श्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं पर विचार-विमर्ष में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री, डॉ. हर्षवर्धन भी उपस्थित हुए।

सांस्कृतिक गतिविधियाँ पुस्तक मेले में लगा रही हैं चार चाँद

पुस्तक मेले में आने वाले पाठकों के लिए आयोजित की जा रही सांस्कृतिक गतिविधियाँ जैसे संगीत एवं नृत्य प्रस्तुतियाँ, भांगड़ा-गिद्धा, कथक नृत्य, मुशायरा, भक्ति संगीत आदि लोगों का मन मोह रही हैं। लोग किताबों के इस सतरंगी संसार में आकर सांस्कृतिक झलक का भी आनंद लेकर अत्यंत रोमांचित हैं।

पुस्तक मेले के सातवें दिन भी मेले में लोगों की भारी भीड़ को देखकर अहसास होता है कि पुस्तक प्रेमी मेले के शेष दिनों का संपूर्ण लाभ उठा रहे हैं और पुस्तकें खरीदने व मेले में  आयोजित गतिविधियों में भाग लेने के किसी भी अवसर को छोड़ना नहीं चाहते। निसंदेह पाठकों में ज्ञान की भूख बढ़ी है और ज्ञान एवं सूचना प्राप्त करने का स्रोत अभी भी पुस्तकें ही हैं। नए-नए तकनीकी साधन उपयोगी हैं लेकिन ये किताब के विकल्प नहीं हो सकते। मेले में भारत ही नहीं वरन् दुनिया के विभिन्न देशों से आए पुस्तक प्रेमियों की भीड़ जुट रही है। प्रगति मैदान में हर तरफ सभी आयु-वर्ग के पुस्तक-प्रेमियों को उत्सुकतापूर्वक किताबों के पन्ने पलटते और हाथों में अपनी मनपसंद पुस्तकों से भरे थैले लिए देखा जा सकता है। पुस्तक मेले की सतरंगी दुनिया में लोग देश-दुनिया के साहित्य से रूबरू हो रहे हैं।

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थीम मंडप पर देवी दुर्गा कथक संस्थान तथा राश्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिशद के तत्वावधान में प्रसिद्ध सूफ़ी कवि शाह अब्दुल लतीफ की सिंधी कविताओं में प्रकृति चित्रण पर आधारित कथक प्रस्तुति आयोजित की गई। जिसमें प्रसिद्ध नृत्यांगना सुश्री गीतांजलि लाल के निर्देशन में उनके शिष्यों द्वारा मनमोहक कथक नृत्य प्रस्तुत किया गया। यहाँ कलाकारों का आत्मविश्वास तथा सामंजस्य सराहनीय था। इस मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति ने लोगों की खूब तालियाँ बटोरीं। इस अवसर पर जानी-मानी नृत्यांगना सुश्री गीतांजलि लाल तथा राश्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद के निदेषक डॉ. रवि प्रकाश टेकचंदानी भी उपस्थित थे।

आज मेले में पंजाबी भांगड़ा और गिद्धे की रंगाारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति ने हॉल में उपस्थित सभी लोगों को नाचने पर मजबूर कर दिया। पंजाब की खुशबू लिए गीत-संगीत ने पुस्तक प्रेमियों का उत्साह दोगुना कर दिया। भांगड़ा और गिद्दा प्रस्तुति से हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।

बाल मंडप की मनमोहक गतिविधियाँ 

आज इस मंडप पर बच्चों के लिए ’आओ रेडियो कार्यक्रम तथा जिंगल बनाएँ’ गतिविधि का आयोजन किया गया जिसमें रेडियो कश्मीर, श्रीनगर से आए आरजे अज़हर हजिनी ने बच्चों को रेडियो के कार्यक्रम तथा रेडियो जिंगल बनाने की कला सिखाई। यहाँ उन्होंने जिंगल बनाने में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर तथा विभिन्न नई तकनीकों से बच्चों को अवगत कराया। अज़हर हजिनी ने बच्चों को बताया कि रेडियो के क्षेत्र में कार्य करने के लिए स्पश्ट उच्चारण तथा उचित शब्द चयन अत्यंत आवश्यक है।

इसी मंच पर स्टोरी घर की कथावाचक जयश्री सेठी एवं ऋशभ द्वारा संगीत के माध्यम से बच्चों को कहानियाँ सुनाई गईं। जहाँ एक तरफ जयश्री ने कहानी के विभिन्न पात्रों का अभिनय किया वहीं दूसरी ओर उनके साथी ऋशभ ने गिटार पर धुनें बजाकर कहानी में गीतों का भी समावेश किया। बच्चों ने भी उनके साथ गीत गाए जैसे लकड़ी की काठी, काठी पे घोड़ा आदि। यहाँ बच्चों को कहा गया कि जो कहानी उन्होंने आज सुनी उसे आगे दो और लोगों को अवष्य सुनाएँ जिससे कहानी सुनने और सुनाने की हमारी परंपरा सदैव बनी रहे।

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यहाँ एलकॉन इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों द्वारा जल ही जीवन है विषय पर नाटक प्रस्तुत किया गया जिसके ज़रिए बच्चों ने बताया कि वर्तमान में हम सभी अपने स्वार्थों के लिए वातावरण को दूषित एवं जल की बर्बादी कर रहे हैं, आज की भावी-पीढ़ी को जागना होगा तथा पर्यावरण संरक्षण की ओर कदम उठाना होगा। स्कूली बच्चों ने कार्यक्रम के अंत में सेव वॉटर, सेव लाइफ का नारा दिया।

साहित्यिक गतिविधियाँ

माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो बी के कुठियाला द्वारा हीरा लाल के हीरा के इक्यावन मोती कविता संग्रह का लोकार्पण किया गया। करीब 60 वर्षीय हीरा लाल दिल्ली स्थित अंडमान निकोबार भवन में चपरासी के पद पर कार्यरत हैं और समय निकाल कर देशभक्ति के गीत लिखते हैं। केवल 10वीं तक शिक्षा प्राप्त हीरा लाल को रामायण से कविताएँ लिखने की प्रेरणा मिली।

पुस्तक के बारे में विचार व्यक्त करते हुए प्रोफ़ेसर कुठियाला ने कहा कि स्थापित कवि अपनी रचनाओं में साहित्यिक भाषा का प्रयोग करते हैं। जबकि दिल के उदगारों से निकलने वाली कविता असली कविता होती है। विमोचन के मौके पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष डॉ. बल्देव भाई शर्मा, हरियाणा के गौसेवा प्रमुख प्रोफेसर सुरेश चंद सिंघल, भाई सत्य देव चैधरी, समाजसेवी जगदीश राय गोयल, जाने माने कार्टूनिस्ट इरफान, डीडी न्यूज के संपादक डॉ. ओपी यादव, दैनिक जागरण के सहायक संपादक सौरभ श्रीवास्तव, प्रकाशक टीपी तिवारी, डॉ. प्रेमी राम मिश्र और वरिष्ठ पत्रकार अतुल सिंघल भी उपस्थित थे।

हर शाम हंसध्वनि थिएटर में संगीत और नृत्य प्रस्तुति आयोजित की जाती है। आज इस मंच पर प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना तथा उर्वषी डांस, म्यूज़िक, आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी की अध्यक्ष, डॉ. रेखा मेहरा तथा उनके समूह द्वारा ग्लोबल वार्मिंग विषय पर आधारित कथक नृत्य नाटिका प्रस्तुति की गई।

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