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पटना, बिहार
लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में सियासी हलचल शुरू हो गई है। शुक्रवार को नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई बैठक में जहां बीजेपी-जेडीयू में सीट फार्मूला तय हुआ और इसके बाद अमित शाह एवं जदयू प्रमुख नीतीश कुमार ने दी घोषणा की कि बिहार में लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियां बराबर बराबर सीटों पर लड़ेंगी।

वहीँ सियासी गलियारों में खबर यह भी है कि एनडीए के घटक दल रालोसपा के खाते में एक सीट जाने की वजह से उपेंद्र कुशवाहा नाराज चल रहे हैं। बिहार के अरवल स्थित गेस्ट हाउस में तेजस्वी यादव उपेंद्र कुशवाहा की मुलाकात हुई। इसके बाद तो फिर राजनीतिक गलियारों में कायासों का दौर ही शुरू हो गया।

इसके बाद तेजस्वी यादव ने एनडीए के गठबंधन पर तंज कसते हुए ट्वीट किया, राजद गठबंधन के बढ़ते जनाधार,ज़मीनी हक़ीकत और सर्वे का सामना करने के बाद नीतीश जी और बीजेपी के हाथ-पैर फूल गए इसलिए आनन-फानन में यह वोट कटाव रोकने का प्रयास है। बिहार क्रांति व बदलाव की धरती है। ये चाहे ट्रम्प को भी मिला लें, बिहार की न्यायप्रिय जनता इनको कड़ा सबक़ सिखायेगी।

दोनों नेताओं की मुलाकात को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले दिन में भाजपा अध्यक्ष उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रालोसपा एवं लोजपा, दोनों एनडीए में रहेंगे। मुलाकात की तस्वीरें तेजस्वी ने अपने ट्वीटर पर साझा की। वहीं कुशवाहा और तेजस्वी दोनों ने अपनी बैठक सफाई दी है। कुशवाहा ने कहा, सीट शेयरिंग पर अभी कुछ फाइनल नहीं है। अमित शाहजी ने कहा है कि कुछ दिनों में इस पर फैसला होगा। तेजस्वी यादव से मुलाकात महज एक संयोग है।

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