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देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय जेएनयू में कथित रूप से देश विरोधी नारे लगाने के घटना के बाद उभरे युवा चेहरों में सबसे ज्यादा चर्चित रहे उमर खालिद ने उस समय कहा था कि “मेरा नाम उमर खालिद ज़रूर है, लेकिन मैं आतंकी नहीं हूं|”

जेएनयू से पीएचडी कर रहे उमर खालिद पर देशद्रोह और भड़काऊ भाषण देने जैसे आरोपों में मुकदमें दायर किये गए हैं|

पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया गया उनका हालिया भाषण चर्चा में है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा को देश में साम्प्रदायिकता का जहर घोलने के लिए जिम्मेवार ठहराया था|

हिंद वॉच मीडिया से बात करते हुए देश में क्रांति के लाल-नीले रंग की एकता पर उमर खालिद ने कहा है कि “अगर बाबा साहब के सपनों का भारत बनाना है तो उसे शहीद भगत सिंह के सपनों से जोड़ना होगा|”  फेसबुक लाइव और यूट्यूब के माध्यम से प्रसारित इस बातचीत को आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके सुन सकते हैं :

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