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उत्तर प्रदेश के बलिया में उज्जवला योजना के तहत एक परिवार गैस सिलिंडर लाया था अपने घर का चूल्हा जलाने उसी ने पूरी परिवार को बर्बादी की आग में झोंक दिया, पूरे परिवार को अपनी चपेट में लेने वाला यह सिलिंडर विस्फोट बलिया में हुआ है जहाँ शुक्रवार की रात लगभग साढ़े नौ बजे खाना बनाते समय गैस सिलिंडर फटने से बड़ा हादसा हो गया। यह सिलिंडर परिवार को कुछ दिनों पहले ही उज्जवला योजना के तहत मिला था।

गौरतलब है कि हादसा इतना बड़ा था कि परिवार की एक महिला की मौत हो गयी जबकि परिवार के एक दर्जन सदस्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। लारवाही का आलम यह रहा कि मौके पर न ऐंबुलेंस पहुंची न अधिकारियों के फोन उठे।

आपको बता दें कि घटना बैरिया गांव के नई बस्ती दलजीत टोला निवासी लक्ष्मण प्रजापति के घर की है। यहां गैस चूल्हा पर खाना बन रहा था परिवार के अन्य सदस्य टीवी देख रहे थे तभी सिलिंडर फट गया, जिससे झोपड़ी और एक पक्के मकान में आग लग गयी। देखते ही देखते आग की लपटें बेकाबू हो गयीं। लोग कुछ समझ पाते की घर में रखा दूसरा भरा सिलिंडर भी ब्लास्ट हो गया।

ख़बरों के मुताबिक़ तेज आवाज सुनकर मौके पर सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गए। सूचना पर मौके पर एसओ गगन राज सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। घटना में पूनम देवी पत्नी इंदल प्रजापति (20) की मौत हो गयी। वहीं इंदल प्रजापति (20), राजेश प्रजापति (30), छोटक प्रजापति (22), रमायन प्रजापति (30), मुन्नी देवी पत्नी सुभाष चंद (60), फूल कुमारी पत्नी छोटक (20), प्रियंका पुत्री रमेश (10), राधिका पुत्री सुभाष (15), इन्दल की पुत्री (3), सरीता पुत्री राजेश (11), लक्ष्मीना पत्नी राजकिशोर (25), आदित्य पुत्र इन्दल (02) घायल हो गये।

इस घटना के बाद जिन लोगों को भी उज्जवला के तहत सिलिंडर मिले हैं सभी डरे हुए हैं। घटना के बाद सूचना पर पहुंचे बैरिया एस ओ ने ऐंबुलेंस के लिए बार-बार फोन किया लेकिन ऐंबुलेंस नहीं पहुंची। प्रधान रुबी सिंह और समाज सेवी सूर्यभान सिंह ने निजी वाहनों की व्यवस्था कर सभी घायलों को अस्पताल भिजवाया।

घायलों के अस्पताल पहुंचने के घंटों बाद ऐंबुलेंस आई। लोगों ने बताया कि लापरवाही का आलम यह रहा कि लोगों के बार-बार फोन करने के बावजूद सीएमओ का फोन नहीं उठा। लोगों ने सीएमओ की लापरवाही पर भी गुस्सा जाहिर किया।

जाहिर है यह कोई आम मामला नहीं है, सरकार के उपक्रम जो सिलिंडर बांटने का काम करते हैं उनसे लापरवाही हुई और किसी और को इसकी सजा भुगतनी पड़ी।

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