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ट्रिन-ट्रिन………….ट्रिन-ट्रिन| ये आवाज सुनकर बच्चों की फिल्म “हमारी पल्टन” के सेट पर अदाकारी के जादूगर टॉम ऑल्टर की नीली ऑंखें चमक उठीं| उन्होंने फिल्म के निर्देशक जैनेन्द्र जिज्ञासु से कहा कि “बहुत दिनों के बाद साईकिल की घंटी की आवाज सुनने को मिली है| तुम एक काम करना, अगर इस घंटी की आवाज़ का इस्तेमाल फिल्म में कर सको तो जरूर करना|” p_20161111_135909दरअसल 4 दशकों से भी ज्यादा समय से फिल्म और थियेटर को अपना जीवन समर्पित कर चुके टॉम ऑल्टर बाल-फिल्म “हमारी पल्टन” की शूटिंग के सिलसले में आजकल दिल्ली में हैं| फिल्म में वे एक रिटायर्ड प्रोफेसर की भूमिका में हैं, जो गाँव के बच्चों को पढ़ाने के लिए साईकिल चलाकार रोज शहर से गाँव जाते हैं| सुपरहिट हिंदी फिल्मों के जाने-माने विलेन और अंग्रेज अधिकारी टॉम ऑल्टर बहुत दिनों के बाद पर्दे पर साईकिल चलाते हुए दिखेंगें|

दिल्ली के यमुना खादर में यमुना किनारे फल-सब्जी उगाने वाले किसानों के बच्चों के साथ अभिनय करते हुए टॉम की सहजता को देखकर यह लगता ही नहीं है कि  बच्चे सिने-जगत के महान अदाकार के साथ एक्टिंग कर रहे हैं|

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फिल्म के लेखक-निर्देशक जैनेन्द्र जिज्ञासु  कहते हैं कि “टॉम सर अपने जूनियर को-आर्टिस्ट्स और क्रू-मेम्बर्स के साथ इतनी सहजता से काम करते हैं कि सबको लगता है जैसे वे अपने परिवार के कोई बुजुर्ग सदस्य हैं| वे सभी की तारीफ़ करते हुए उन्हें बेहतर परफॉर्म करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं| उनकी सरलता और सहजता ही उनको एक विशिष्ट पहचान देती है|”

चाय और शायरी के शौक़ीन टॉम ऑल्टर ने अपने जीवन में 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है| पलटन फिल्म की स्क्रिप्ट उन्हें बेहद पसंद आई| यही कारण है कि वे पलटन टीम का हिस्सा बनें| बच्चों की यह 90 मिनट की फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज की जाएगी| टॉम ऑल्टर के अलावा “हमारी पल्टन” फिल्म में अनेक बच्चों और कलाकारों ने अभिनय किया है|

यह भी पढ़ें :  टॉम ऑल्टर की आखिरी फिल्म “हमारी पल्टन” देश भर में रिलीज 

फिल्म का ऑफिसियल ट्रेलर देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें :

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समानता और लोकतंत्र में गहरी आस्था रखने वाले सुशील एक निर्भीक पत्रकार होने के साथ-साथ प्रगतिशील युवा कवि और सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। अनेक प्रतिष्ठित पत्र–पत्रिकाओं एवं साहित्यिक ई–पोर्टल्स में उनकी कविताएँ, आलेख और लघुकथाएँ प्रकाशित हो चुकी है। ग्रास-रूट जर्नलिज्म (ज़मीनी पत्रकारिता) उनके काम की विशेषता है। लेखन के साथ–साथ सामाजिक–सांस्कृतिक क्षेत्र में भी वे बेहद सक्रिय हैं। उन्होंने लम्बे समय तक एच.आई.वी./एड्स जागरूकता और बचाव के लिए उच्य जोखिम समूह के साथ काम किया है। सुशील हिंद वॉच मीडिया समूह के संपादक हैं। हिंद वॉच जमीनी सरोकारों से जुड़ी जनपक्षधरता की पत्रकारिता कर रहा है। साप्ताहिक अखबार, न्यूज़ पोर्टल, वेब चैनल, मोबाइल ऐप और व्यापक सोशल मीडिया नेटवर्क के माध्यम से जमीनी और वास्तविक ख़बरों को निष्पक्षता और निडरता के साथ अपने पाठकों तक पहुंचाने के लिए हिंद वॉच मीडिया पूरी समर्पण से काम करता है। भारत और विदेशों में यह वेब पोर्टल पढ़ा जा रहा है।