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नई दिल्ली
दिल्ली में आज वामपंथी संगठन अखिल भारतीय किसान महासभा और सीटू के नेतृत्व में हजारों की संख्या में किसान और मजदूर दिल्ली के रामलीला मैदान पर मजदूर किसान संघर्ष रैली में शामिल होने आए। किसान और मजदूर अब रामलीला मैदान से संसद की ओर रैली निकाल रहे हैं, जिसके कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया है।

जानकारी के अनुसार महंगाई से राहत, न्यूनतम भत्ता, किसानों की कर्जमाफी और फसलों की वाजिब कीमत की मांग को लेकर किसान और मजदूर रामलाली मैदान पर इकट्ठा हुए हैं अपनी मांगों को लेकर बुधवार सुबह हजारों की संख्‍या में किसान और मजदूर रामलीला मैदान से संसद मार्ग की ओर रैली निकाल रहे हैं वही रैली के चलते कई मार्ग परिवर्तित किये गए हैं। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे रामलीला मैदान व संसद मार्ग की तरफ आने से बचे।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के अनुसार रैली रामलीला ग्राउंड से शुरू होकर रणजीत सिंह फ्लाईओवर, टॉलस्टॉय मार्ग होते हुए संसद मार्ग पहुंचेगी। रैली में कुछ लोग भैरों मंदिर, पुराना किला, तिलक ब्रिज और सफदरजंग रेलवे स्टेशन से शामिल होंगे। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार रैली व प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली गेट, पहाड़गंज चौक, मिंटो रोड, बाराखंभा रोड, केजी मार्ग, जनपथ और कॉपरनिकस मार्ग से ट्रैफिक परिवर्तित किया जाएगा।

पहाड़गंज वाली साइड से आने वाले लोग पंचकुइयां रोड, नई दिल्ली से वाया कनॉट प्लेस होकर दिल्ली गेट, मंडी हाउस और आईटीओ जा सकते हैं। मिंटो रोड से आने वाले लोग डीडीयू मार्ग, आईटोओ होकर यमुना पार व दिल्ली गेट जा सकते हैं।

बाराखंभा से आने वाले लोग रणजीत सिंह फ्लाईओवर के बजाय परिवर्तित मार्ग से दिल्ली गेट जा सकते हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वह पुलिस के दिशानिर्देशों को पालन करें। हजारों की संख्‍या में लोगों को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा बंदोबस्‍त बढ़ा दिए हैं। सड़क पर रैली होने के कारण कनॉट प्‍लेस में लंबा जाम लग गया है। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार देखी जा रही है। ऑफिस पहुंचने में देरी होने के कारण लोगों को खासी दिक्‍कत का सामना करना पड़ रहा है।

ये  है मांग 
किसानों की मांग है की हर रोज बढ़ रही महंगाई पर लगाम लगाई जाए।
खाद्य वितरण प्रणाली की व्यवस्था को ठीक किया जाए, मौजूदा पीढ़ी को उचित रोजगार मिले, सभी मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी भत्ता 18000 रुपया प्रतिमाह तय किया जाए।
मजदूरों के लिए बने कानून में मजदूर विरोधी बदलाव ना किए जाए किसानों के लिए स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशें लागू हों। गरीब खेती मजदूर और किसानों का कर्ज माफ हो।

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