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दिल्ली के राजपथ में हर साल गणतंत्र दिवस की परेड में दिल्ली वालों को हमेशा अपनी झांकी देखने का उत्साह देखते ही बनता है।

इस साल भी दिल्ली वाले यही कस लगाए बैठे थे कि दिल्ली की शानदार झांकी देखने को मिलेगी। लेकिन ऐसा हो ना सका।

दरअसल इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर इस बार दिल्ली की झांकी नहीं दिखी। अरविंद केजरीवाल की सरकार द्वारा समय पर प्रपोजल नहीं भेजने के कारण ऐसा हुआ है।

दिल्ली सरकार में आर्ट एवं कल्चर विभाग में उपसचिव सिंधु मिश्रा ने बताया कि रक्षा मंत्रालय को झांकी का प्रस्ताव भेजने में देरी हुई, जिसके कारण दिल्ली की झांकी गणतंत्र दिवस के परेड में शामिल नहीं हो पाई।।

हालांकि, दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली सरकार झांकी में एक बार फिर से एजुकेशन सिस्टम को ही दिखाना चाहती थी।

पिछली बार भी इसी मॉडल को प्रदर्शित किया गया था। लिहाजा, दोहराव के कारण उनके प्रपोजल को स्वीकार नहीं किया गया।

हालांकि दिल्ली के अलावा पश्चिम बंगाल की झांकी को भी नहीं मिली जगह। इस बाबत ममता बनर्जी ने इसको लेकर नरेंद्र मोदी की सरकार की कड़ी आलोचना की है।
दरअसल, पश्चिम बंगाल सरकार इस बार एकता की थीम पर झांकी पेश करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया।

ममता बनर्जी ने मोदी सरकार को आड़े हाथ लेते हुए भाजपा पर लोगों को धर्म के आधार पर बांटने का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि झांकी के लिए पहले केंद्र के पास प्रस्ताव भेजना पड़ता है। कारण चाहे जो भी हो आज दिल्ली वालों का दिल अपने राज्य की झांकी को मिस करता रहा।

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