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कास्टिंग काउच से पूरी दुनिया की फिल्म इंडस्ट्री परेशान है लेकिन अच्छी बात यह है बा उसके खिलाफ महिलायें, मॉडल और ऐक्ट्रेस आवाज उठाने लगी हैं, हार्वे प्रकरण और मी टू कैम्पेन उसी की परिणिति था।

हालांकि यह मसला आज भी ऐसा ही है, ताजा खबर के मुताबिक़  तेलुगू फिल्म इंड्रस्टी में करियर बनाने की कोशिशों में जुटीं अभिनेत्री श्री रेड्डी ने अर्धनग्न प्रदर्शन कर इंडस्ट्री की काली सच्चाई से पर्दा उठाया। दरअसल ऐक्ट्रेस प्रदर्शन के जरिए तेलुगू फिल्म इंड्रस्टी में कास्टिंग काउच का मुद्दा उठा रही थीं।

बता दें कि फिल्म नगर स्थित तेलुगू फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स में सरेआम कपड़े उतारकर अपनी व्यथा बतानी शुरू की तो लोग हैरत में पड़ गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभिनेत्री को स्थानीय पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि कई प्रड्यूसर्स और डायरेक्टर्स ने उसका यौन उत्पीड़न किया।

इसके अलावा तीन फिल्मों में काम करने के बाद भी उन्हें मूवी आर्टिस्ट असोसिएशन (एमएए) की मेंबरशिप भी नहीं दी गई। श्री रेड्डी ने कहा कि मेंबरशिप कार्ड के लिए अप्लाई करने के बावजूद उन्हें कार्ड नहीं दिया गया। ऐक्ट्रेस ने आरोप लगाया कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कुछ लोगों की डिमांड पर न्यूड तस्वीरें और विडियो भी भेजे ताकि उन्हें फिल्म में रोल मिल सके।

इतना ही नहीं अभिनेत्री ने कहा, ‘उन्होंने विडियो देखा और फिर भी कोई रोल नहीं दिया। यहां तक कि उन्होंने मुझे लाइव न्यूड विडियो करने को भी बोला।’ अभिनेत्री ने कहा कि फिल्म में रोल मांगने वाली अभिनेत्रियों का इसी तरह फायदा उठाया जाता है।

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श्री रेड्डी ने आरोप लगाते हुए कहा कि तेलुगू लड़कियों को इंडस्ट्री में किरदार नहीं दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म में रोल देने का वादा करके तेलुगू लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया जाता है। अभिनेत्री ने कहा, ‘मैं खुद भी यौन शोषण का शिकार हो चुकी हूं।’ श्री रेड्डी शनिवार को फिल्म चैंबर आईं और विडियो कैमरे और फटॉग्रफर्स के सामने अपने कपड़े उतारने लगीं।

उन्होंने कहा, ‘मुझे यही एक तरीका नजर आया खुद की परेशानी और फ्रस्टेशन को जाहिर करने का। मैंने फिल्म इंडस्ट्री में कई लोगों को उनकी मांग पर न्यूड तस्वीरें भेजीं लेकिन बदले में मुझे कोई रोल नहीं मिला।’ एक्ट्रेस ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर फिल्म प्रड्यूसर्स ने लोकल टैलंट को बढ़ावा नहीं दिया तो वह इस मुद्दे को और बड़ा बना देंगी।

उन्होंने कहा, ‘वह मुंबई और दूसरे शहरों से ऐक्ट्रेस को लाते हैं जबकि स्थानीय लड़कियों को रोल देने के नाम पर यौन शोषण किया जाता है।’ बता दें कि पहले भी कई अभिनेत्रियां तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच का मुद्दा उठा चुकी हैं।

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