फ़ाइल फोटो
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नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) के पूर्व वैज्ञानिक एस नंबी नारायणन को इसरो जासूसी केस में शुक्रवार को राहत देते हुए बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने नंबी नारायणन को मुआवजे के तौर पर 50 लाख रुपये दिए जाने का आदेश दिया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केरल के पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच करने का भी आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि इस केस में वैज्ञानिक एस. नंबी नारायणन को 24 साल पहले केरल पुलिस द्वारा बेवजह गिरफ्तार किया गया था और उन्हें मानसिक प्रताड़ना दी गई थी। आपको बता दें कि 1994 के जासूसी मामले में बरी किए गए इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नारायणन तब से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। वैज्ञानिक का कहना था कि उन्हें जासूसी के झूठे केस में फंसाया गया था। जासूसी मामले में नारायणन और एक अन्य को गिरफ्तार कर पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने कुछ गुप्त दस्तावेज पाकिस्तान को दिए थे।

जांच के बाद सीबीआई ने कहा था कि ये आरोप झूठे हैं। फिर से जांच के आदेश दिए गए पर 1998 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले को रद्द कर दिया। इसके बाद नारायणन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंचे, जहां से 10 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया गया। हालांकि वह संतुष्ट नहीं हुए और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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