Print Friendly, PDF & Email



देश में खेल से जुड़ी प्रतिभाओं के साथ कितनी नाइंसाफी होती है, इसका नमूना देखना है तो जिम्नैस्ट खिलाड़ियों की मुश्किल जान लीजिए। हाल यह है कि वे पिछले तीन महीने से अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक गेम्स की किट नहीं मिली है।

यहाँ तक तो फिर भी ठीक लेकिन अब बात यहाँ तक बिगड़ गयी है कि कॉमन वेल्थ आने वाले हैं और इन्हें कोच तक मुहैया नहीं करवाया गया।

ऐसे में इनसे जीत की उम्मीद कैसे जी जा सकती हैं। अब जब कॉमनवेल्थ गेम्स बस कुछ ही दिनों की दूरी पर हैं भारतीय जिम्नैस्टिक टीम इन खेलों में भाग लेने को लेकर भी आश्वस्त नहीं है।

गौरतलब है कि जिम्नास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया ने अभी तक टीम के लिए कोई कोच नियुक्त नहीं किया है।

ऐथलीट्स महीनों से इंदिरा गांधी स्टेडियम में प्रैक्टिस कर रहे हैं लेकिन परिस्थितियों को देखकर अब उन्हें भी निराशा होने लगी है। हालांकि वे फेडरेशन के खिलाफ कुछ भी बोलना नहीं चाहते हैं।

वैसे दीपा के कोच बिश्वेश्वर नंदी के मुताबिक, मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा। यह सिर्फ हमारे देश में हो सकता है।’ एक अन्य वरिष्ठ कोच जयप्रकाश चक्रवर्ती ने कहा, ‘हमें नहीं पता कि वे टीम की घोषणा कब करेंगे।’

और तो और भारतीय जिम्नैस्टिक में दो संगठन आपस में उलझे हुए हैं। और इसी वजह से कोच की नियुक्ति की फाइल अभी तक अटकी हुई है।

अगर यही हाल रहा तो आने वाले खेलों में भारत को मेडल मिलने से रहे। पता नहीं खेलों में इस तरह का करप्शन और अनियमितता कब बंद होगी।

इस पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रिया ⇓

यह भी पढ़ें :  KKR vs RCB: केकेआर के गेंदबाजों की आंधी में उड़ी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर