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कोलंबो, श्रीलंका
श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना की ओर से एक ऐसे प्रस्तांव को मंजूरी दे दी गई है जिसके बाद श्रीलंका के हिंदू मदिरों में जानवरों की बलि बैन हो सकती है। श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना की ओर से जिस प्रस्तािव को मंजूरी मिली है जिसके जरिए पूजा के प्राचीन तरीकों पर बैन लगाने की बात कही गई है। श्रीलंका में बसे हिंदू समुदायों की ओर से अनुरोध किया गया था कि देश में बलि को अपराध बनाया जाए।

21 प्रतिशत है हिंदू आबादी
13 सितम्बर को राष्ट्रपति सिरीसेना की अध्यकक्षता में मंत्रिमंडल की एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग में देश के हिंदू धार्मिक मामलों के मंत्री डी एम स्वामीनाथन द्वारा सौंपे गए प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। यहां के सरकारी अखबार डेली न्यूज में हिंदू सांस्कृतिक मामलों के निदेशक उमा महेश्वरन की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। महेश्वरन ने बताया है कि इस कानून से हिंदू मंदिरों में बकरियों, पक्षियों और दूसरे पशुओं की बलि पर बैन लगाया जाएगा।

माहेश्वरन ने बताया कि कैबिनेट की ओर से प्रस्ताव, वित ड्राफ्ट कानून को अंतिम सहमति के लिए कानूनी ड्राफ्टसमैन विभाग के पास भेजा जाएगा। इसके बाद इसे अटार्नी जनरल के विभाग के पास भेजा जाएगा। इन प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद यह सरकार के राजपत्र में प्रकाशित होगा।

उन्होंने बताया कि संसद द्वारा पारित किए जाने के बाद यह कानून प्रभावी होगा। श्रीलंका वह देश है जहां पर बौद्ध धर्म के अनुयायियों की संख्या ज्यादा है। यहां पर बौद्ध धर्म को मानने वाले सिंहली समुदाय की जनसंख्या 75 प्रतिशत है जबकि मुसलमान आबादी 10 प्रतिशत यानी 21 मिलियन है और 21 प्रतिशत आबादी हिंदू है।

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