(फाइल फोटो)
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नई दिल्ली : अन्ना हजारे के नेतृत्व में इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के आंदोलन और तत्कालीन केन्द्र सरकार के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले मध्यप्रदेश के आध्यात्मिक गुरु भैय्यू जी महाराज ने कथित तौर पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भैय्यू जी महाराज ने अपने बंगले के दूसरी मंजिल पर खुद को गोली मार ली, उन्हें गंभीर हालत में इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

(फाइल फोटो)

पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है- ‘मैं बहुत परेशान होकर दुनिया छोड़ रहा हूं, मौत के बाद मेरे परिवार का खयाल रखें’। पुलिस के मुताबिक, भैय्यू जी पारिवारिक विवाद की वजह से काफी तनाव में चल रहे थे, खुदकुशी की यही वजह है। पुलिस इस मामले में भैय्यू जी के परिवारवालों से भी पूछताछ की तैयारी में है।

ईधर मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता मनक अग्रवाल ने भैय्यू जी के मौत की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि भैय्यू जी महाराज के ऊपर राज्य सरकार के समर्थन का काफी दबाव था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया था और इसको लेकर वे  वो काफी मानसिक दबाव में थे। अभी कुछ महीने पहले शिवराज सरकार ने मध्यप्रदेश में जिन पांच संतों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया था, भैय्यू जी महाराज भी उनमें से एक थे। हालांकि उन्होंने उसे ठुकरा दिया था।

एक किसान परिवार में जन्मे भैय्यू जी महाराज का असली नाम उदयसिंह देखमुख है। उदय सिंह देशमुख उर्फ भय्यूजी की खुदकुशी की घटना से हर कोई स्तब्ध है। यूं तो भय्यूजी महाराज की पहचान कई राजनेताओं से थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इनकी नजदीकी कई बार सुर्खियां बनी। पीएम नरेंद्र मोदी जब 26 मई को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे थे तो उनके 4,000 वीआइपी मेहमानों में 46 साल के उदय सिंह देशमुख (भय्यूजी महाराज) भी तशरीफ लाए थे। साल 2011 में भय्यूजी महाराज रामलीला मैदान में अण्णा हजारे का अनशन तुड़वाने आए थे तो सबकी नजर उन पर थी।

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28 जनवरी, 2011 को गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही भय्यूजी महाराज के संत नगरी परियोजना की घोषणा की थी। इस परियोजना में भारत के सभी धर्मों के 2,700 से ज्यादा संत-महात्माओं की मूर्तियां और इतिहास संजोया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी भारत की आध्यात्मिक विरासत से रू-ब-रू हो सके।

वे सियाराम सूटिंग के लिए मॉडलिंग कर चुके ऐसे अध्यात्मिक गुरु थे जो महंगी गाडिय़ों से परहेज नहीं करते, लेकिन ट्रस्ट के खाते में कितने पैसे हैं, इसे उंगलियों पर गिनाने के लिए तैयार रहते थे |भय्यूजी महाराज मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में वे सैकड़ों तालाबों का पुनर्निर्माण करा चुके हैं। देशभर में उन्होंने 19।39 लाख पौधे लगवाए हैं और लोकतंत्र में लोगों का भरोसा जगाने के लिए उनका ट्रस्ट अब तक संविधान की साढ़े 15 लाख प्रतियां बांट चुका है।

उनका मुख्य आश्रम इंदौर स्थित बापट चौराहे पर है। सदगुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट उनकी देखरेख में संचालित होता है। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देखमुख, शरद पवार, लता मंगेशकर, उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौंडवाल, फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी जैसी हस्तियां पहले उनके आश्रम आते रहे हैं। अन्ना हजारे के नेतृत्व में इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) जब अपने चरम पर था तब उन्होंने मध्यस्थ की भूमिका भी निभायी थी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और एमपी के सीएम ने भैय्यू जी महाराज के अचानक निधन पर शोक जताया है

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