BJP MP and cine star Shatrughan Sinha with former union finance minister Yashwant Sinha at the 182nd foundation day of Patna Collegiate School in Patna on Thursday. Pic by--K M Sharma, Patna (Bihar)
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भाजपा में जब से नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी वाला दौर आया है, तब से पार्टी के लगभग हर बड़े नेता को चुनचुनकर बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा गई। जो बाहर नहीं ही पाए उन्हें उस कदर इग्नोर, उपेक्षित किया जाता है कि बेचारे शर्मिंदा होकर खुद ही पार्टी से साइड हो जाते हैं।

भाजपा में ऐसे कई नेता हैं जो मोदी शाह की जोड़ी से पहले पार्टी में ऊंची हैसियत रखते थे। फिर चाहे वह लाल कृष्ण आडवाणी हों या मुरली मनोहर जोशी या वेंकैया नायडू, आज हर नेता हाशिये पर है।

यशवंत सिन्हा जैसे एक दो नेता बागी होकर अपना अलग दल भी बना चुके हैं। इसी श्रेणी के एक और नेता हैं जो पार्टी से इस कदर परेशान हैं कि खुद को बीजेपी की सौतेले व्यवहार का मारा बात रहे हैं।

वैसे शत्रु जी, आप अकेले नहीं हैं जिसके साथ इस तरह के सौतेलेपन का व्यवहार किया है भाजपा ने। एक तरह से भाजपा में कई सौतेले बेटे हैं जिन्हें भाजपा ने उपेक्षित कर रखा है।

यह बात हम इसलिये कर रहे हैं क्योंकि बीजेपी के असंतुष्ट सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बार फिर पार्टी के खिलाफ आवाज बुलंद की है।

सिन्हा ने कहा है कि बीजेपी में उनके साथ सौतेले बेटे जैसा व्यवहार हुआ। उन्होंने कहा कि बीजेपी में उन्हें दबाव महसूस हो रहा था। अब उन्हें मुक्ति का अहसास हो रहा है। बता दें कि सिन्हा कुछ दिन पहले ही पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा द्वारा शुरू किए गए नए राजनैतिक मंच से जुड़े हैं।

यह पूछने पर कि उनकी मूल पार्टी बीजेपी ने उन्हें कभी बोलने से रोका नहीं, सिन्हा ने कहा, ‘मेरी मूल पार्टी बीजेपी ने मुझे बोलने के अलावा और कोई काम नहीं करने दिया। मुझे यह महसूस होता था कि बीजेपी मेरे साथ सौतेले बेटे जैसा व्यवहार कर रही है। सच कहूं तो मैं दबा-दबा महसूस करता था। यशवंत सिन्हाजी जब मेरे पास यह गैर राजनीतिक मंच का विचार लेकर आए तो मैने तुरंत हां कर दी।’

शत्रु के इन विचारों को सुनकर हो सकता है और भी के भाजपा नेता सामने आ जाएं जो उन्ही की तरह बीजेपी के सौतेलेपन के शिकार हों।

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