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शाहिद अफरीदी क्रिकेट भले ही कितना बढ़िया खेलते हों लेकिन वैचारिक स्तर पर उनका सोच बहुत छोटी है, दरअसल ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि उन्होंने आजादी के नारे लगाने वाले लोगों को समर्थन किया है और उन्हें निर्दोष बताया है।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में सेना के आतंकरोधी अभियान के तहत मारे गए 13 आतंकियों से जहां एक तरफ पाकिस्तानी सरकार दुखी नजर आ रही है तो वहीं अब पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने भी इन आतंकियों के प्रति हमदर्दी जताई है।

बता दें कि अफरीदी ने ट्वीट कर कश्मीर की स्थिति को बेचैन करने वाला बताया है और संयुक्त राष्ट्र के साथ ही दूसरे अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर भी सवाल खड़े किए हैं।

साहब अपने ट्वीट में लिखा है, ‘भारत अधिकृत कश्मीर (जम्मू कश्मीर) की स्थिति बेचैन करनेवाली और चिंताजनक है। यहां आत्मनिर्णय और आजादी की आवाज को दबाने के लिए दमनकारी शासन द्वारा निर्दोषों को मार दिया जाता है।

वे आगे कहते हैं कि मैं हैरान हूं कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन कहां हैं? वे इस खूनी संघर्ष को रोकने के लिए कुछ क्यों नहीं कर रहे?’

इस से पहले भी बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब अफरीदी ने कश्मीर का मुद्दा उठाया हो। पिछले साल भी उन्होंने ऐसा ही ट्वीट किया था। तब अफरीदी ने लिखा था, ‘कश्मीर पिछले कई दशकों से क्रूरता का शिकार हो रहा है, अब वक्त आ गया है कि इस मुद्दे को सुलझा लिया जाए जिसने कई लोगों की जान ली।’ दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा था, ‘कश्मीर धरती पर स्वर्ग है और हम मासूमों की पुकार को अनदेखा नहीं कर सकते।’

अब उनकी समझ पर तरस के सिवा भला और क्या आ सकता है?

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