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हाथरस प्रीमियर लीग (HPL )क्रिकेट टूर्नामेंट के नाम पर घोटाला हुआ है। दरअसल शिक्षा विभाग की जमीन पर बिना अनुमति के शिक्षा विभाग को मिलने वाले राजस्व को पलीता लगाते हुए हो रहा है लाखों का खेल।

व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगाए गए है विज्ञापन के बड़े बड़े होर्डिंग। टीमों की खरीद फरोख्त के नाम पर हुई है लाखों की डील।

जिला विद्यालय निरीक्षक कर रहे हैं। जांच कमेटी बना कर जांच करने की बात, जांच में दोषी पाए जाने पर होगी रिकवरी और उचित कार्यवाही।

बता दें कि हाथरस में पहली बार “हाथरस प्रीमियम लीग” के नाम से शहर के दौलत राम बारहसैनी इंटर कॉलेज के मैदान में एक क्रिकेट टूर्नामेंट का हो रहा है आयोजन। जिसके संयोजक के तौर पर शहर के रोटरी क्लब हाथरस द्वारा सहभागिता की गई है ।

टूर्नामेंट में 8 टीमों ने भाग लिया है सभी आठ टीमों को आईपीएल की तर्ज पर शहर की नामी उधोग और कॉलोनाइजर हस्तियों द्वारा खरीदा गया है और अपने नाम पर टीमों का नाम रखा गया है।

टूर्नामेंट के अंतर्गत विभिन्न कंपनियों द्वारा स्पॉन्सर के रूप में अपने -अपने विज्ञापन लगाये गए हैं। खिलाडियों की यूनिफार्म से लेकर स्कूल गेट व मैदान पूर्णतः विज्ञापनों से पटा हुआ है।

वहीं आपको बता दें कि शिक्षा विभाग की नियमावली “शिक्षा का अधिकार”अधिनियम 2010 भाग संख्या 5 के बिंदु संख्या 15 (a)(घ) में स्कूल मैदान केवल शिक्षा और केवल कौशल विकास के लिए उपयोग में लाये जा सकते हैं इनका बाहिरी व्यक्तिव कोई भी संस्था किसी भी कार्यशैली व्यवसायिक कार्यक्रम के लिए उपयोग नहीं कर सकती है।

वहीँ दूसरी तरफ जिला विद्यालय निरीक्षक हाथरस से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन व टूर्नामेंट संयोजकों द्वारा इस प्रकार की किसी भी गतिविधि की कोई अनुमति नहीं ली गई है और इस तरह के कार्यक्रम कराने पर स्कूल प्रबंधन व आयोजकों के विरुद्ध जाँच करा कर नियमानुसार कार्यवाही व वसूली की जायेगी।

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