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इंदौर/मुंबई : देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्‍टेट बैंक (SBI) ने करीब 41.16 लाख सेविंग अकाउंट बंद कर दिए हैं। बैंक मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने पर यह कार्रवाई की है। ये अकाउंट चालू वित्‍त वर्ष में अप्रैल से लेकर जनवरी 2018 के बीच बंद किए गए हैं। यह जानकारी एक RTI में सामने आई है।

SBI ने अप्रैल 2017 में ही न्‍यूनतम बैलेंस का नियम लागू किया था। यह नियम बैंक ने 5 साल बाद लागू किया था। हालांकि बाद में पिछले अक्‍टूबर में बैंक ने इन चार्ज में कुछ ढील दी थी।

न्‍यूनतम बैलेंस न रखने वाले ग्राहकों पर पेनाल्‍टी के नियम को लागू करने के बाद बैंक ने 1 अ्प्रैल से 31 जनवरी 2018 के बीच 41.16 लाख सेविंग अकाउंट बंद किए हैं। बैंक ने यह जानकारी चन्‍द्र शेखर की RTI के जबाव में दी है। चन्‍द्र शेखर मध्‍य प्रदेश के नीमच के रहने वाले हैं। बैंक ने इस आरटी का जबाव 28 फरवरी को दिया था। इस आरटीआई में सीधे सीधे पूछा गया था कि न्‍यूनतम बैलेंस की पेनाल्‍टी के बाद कितने सेविंग खाते बंद हुए हैं। उनकी आरटीआई अर्जी पर एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें 28 फरवरी को भेजे लेटर में यह जानकारी दी। इस लेटर में बताया गया कि न्यूनतम जमा राशि उपलब्ध नहीं होने पर दंड शुल्क लगाने के प्रावधान के कारण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 में 31 जनवरी तक बंद किए गए बचत खातों की संख्या लगभग 41.16 लाख है।

मिनिमम बैलेंस नहीं रखे जाने पर जुर्माना वसूली के कारण एसबीआई में बहुत बड़ी तादाद में बचत खातों के बंद होने की चौंकाने वाली जानकारी मंगलवार को उस वक्त सामने आई, जब देश के सबसे बड़े बैंक ने इस मद में जुर्माने को 1 अप्रैल से 75 प्रतिशत तक घटाने का अहम फैसला किया है। देश में गरीब तबके के लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान के बीच खासकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा इस मद में जुर्माना वसूली को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है।

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एसबीआई में 41 करोड़ सेविंग बैंक अकाउंट हैं। इनमें से 16 करोड़ खाते जनधन योजना के तहत खुल हैं। इसके अलावा पेंशनर्स माइनर्स और कुछ अन्‍य तरह के खातों में बैंक ने न्‍यूनतम बैलेंस का नियम लागू नहीं है।

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार बैंक को अप्रैल से नवंबर 2017 के बीच न्‍यूनतम बैलेंस की पेनाल्‍टी से 1,771.67 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था। हालांकि बैंक ने 13 मार्च को न्‍यूनतम बैलेंस के चार्ज में करीब 75 फीसदी कमी कर दी है।

ये हैं SBI की पेनल्‍टी की नई दरें

मेट्रो और शहरी  ब्रांच में (मासिक औसत बैंलेंस 3000 रु) नई पेनल्टी मौजूदा पेनल्टी
50% तक बैलेंस कम होने पर 10 रु 30 रु
50% से ज्यादा और 75% तक बैलेंस कम होने पर 12 रु 40 रु
75% से ज्यादा बैलेंस कम होने पर 15 रु 50 रु
अर्द्ध शहरी  ब्रांच में (मासिक औसत बैंलेंस 2000 रु)
50% तक बैलेंस कम होने पर 7.50 रु 20 रु
50% से ज्यादा और 75% तक बैलेंस कम होने पर 10 रु 30 रु
75% से ज्यादा बैलेंस कम होने पर 12 रु 40 रु
ग्रामीण ब्रांच में (मासिक औसत बैंलेंस 1000 रु)
50% तक बैलेंस कम होने पर 5 रु 20 रु
50% से ज्यादा और 75% तक बैलेंस कम होने पर 7.5 रु 30 रु
50% से ज्यादा और 75% तक बैलेंस कम होने पर 10 रु 40 रु

पेनल्‍टी की उक्त नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी होंगी। पेनल्टी के साथ जीएसटी अलग से देय होगा।

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