Print Friendly, PDF & Email



 

sushil44444444444444444444444444

 सुशील स्वतंत्र

संपादक     

मानता के अधिकार और लोकतंत्र में गहरी आस्था रखने वाले सुशील एक निर्भीक पत्रकार होने के साथसाथ प्रगतिशील युवा कवि और सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं| उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातक और विनायका मिशन विश्वविद्यालय से समाजसेवा में स्नातकोत्तर (एमएसडब्ल्यू) की शिक्षा हासिल की है| झारखण्ड के हजारीबाग में जन्मे सुशील लम्बे समय से दिल्ली में रह रहे हैंअनेक प्रतिष्ठित पत्रपत्रिकाओं एवं साहित्यिक पोर्टल्स में उनकी कविताएँआलेख और लघुकथाएँ प्रकाशित हो चुकी है| वे राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र हिन्द वॉच का संपादन एवं संचालन कर रहे हैंतमाम चुनौतियों और जोखिमों के बावजूद सुशील दिल्ली से 12 पन्ने के रंगीन साप्ताहिक अखबार का प्रकाशन कर रहे हैं| ग्रास-रूट जर्नलिज्म (ज़मीनी पत्रकारिता) उनके काम की विशेषता है| लेखन के साथसाथ सामाजिकसांस्कृतिक क्षेत्र में भी वे बेहद सक्रिय हैंउन्होंने लम्बे समय तक एच.आई.वी./एड्स जागरूकता केलिए उच्य जोखिम समूह (यौन कर्मियोंसमलैंगिकों ट्रकर्स) के साथ काम किया है| वे स्ट्रीट वेंडर्स और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों के लिए भी संघर्षशील हैं| साथ  ही साथ वे जन-सरोकार के मुद्दों के साथ महिला सशक्तिकरणकलासंस्कृति, साहित्यिक एवं दक्षिण एशिया शांति कार्यकर्मों के संचालन समन्वय के क्षेत्र में सक्रियता से काम करते रहे हैंवे सामाजिक संस्थान्यू इंडिया मिशनके अध्यक्ष भी हैं| अखबार के संपादक होने के साथसाथ कई सामाजिक, सांस्कृतिकसरकारी एवं गैरसरकारी संस्थाओं के साथ प्रशिक्षकमूल्यांकनकर्ता सलाहकार के रूप में जुडे हुए हैं| आजीविका के लिए वे दिल्ली में अपनी कंसल्टेंसी फर्म ‘गोल्डन थॉट‘ का संचालन कर रहे हैं|

वेसंभावनाओं का शहर  नाम से साहित्यिक ब्लॉग लिखते हैं और उनके पहले कविता संग्रह का नाम भी संभावनाओं का शहरही है| वे  हिंदी साहित्य की पहली विस्तृत निर्देशिकाहिंदी साहित्यानामाके संपादक एवं प्रकाशक हैं|


 

संपादक मंडल

महेश राठी

सामाजिक न्याय के प्रखर पैरोकार महेश राठी वरिष्ठ पत्रकार हैं| प्रमुख अखबारों, पत्रिकाओं और वेब-पोर्टल्स में उनके आलेख प्रकाशित होते रहे हैं| दिल्ली से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक अखबार मुक्ति संघर्ष के साथ जुड़े रहते हुए वे स्वतंत्र रूप से राजनैतिक, सम-सामायिक और जन-सरोकार के विषयों पर लिखते हैं| महेश राठी का लेखन निर्भीक और जमीनी पत्रकारिता का बेहतरीन उदाहरण है| जनवाद की पुरजोर पैरवी करते हुए उनकी कलम कभी सत्ता से जा टकराती है, तो कभी छद्म-राष्ट्रवाद को बेनकाब करती है|  हिंद वॉच मीडिया के लिए वे नियमित रूप से लिखते रहे हैं|

 


 

अशोक दास

बुद्ध भूमि बिहार के छपरा जिले के मूलनिवासी अशोक दास ने गोपालगंज कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक (आनर्स) करने के बाद सन् 2005-06 में देश के सर्वोच्च मीडिया संस्थान ‘भारतीय जनसंचार संस्थान, जेएनयू कैंपस दिल्ली’ (IIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। 2006 से मीडिया में सक्रिय हैं। लोकमत, अमर उजाला, भड़ास4मीडिया और देशोन्नति (नागपुर) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। उन्होंने पांच साल तक कांग्रेस, भाजपा सहित तमाम राजनीतिक दलों, विभिन्न मंत्रालयों और पार्लियामेंट की रिपोर्टिंग की।

वे ‘दलित दस्तक‘ मासिक पत्रिका के संस्थापक एवं संपादक हैं। मई 2012 से लगातार पत्रिका वंचितों की आवाज को मुखरता से उठा रही है| अशोक दास द्वारा शुरू की गयी दलित दस्तक पत्रिका का जून 2017  में वेब चैनल के रूप में विस्तार हुआ है, जिसे बहुत तेजी से लोकप्रियता मिली है|


 

रचना त्यागी 

स्वतंत्र लेखिका रचना त्यागी पेशे से शिक्षिका हैं| उनकी कविताएँ, आलेख व अन्य रचनाएं प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं| अनुवाद भी उनकी रूचि का क्षेत्र है| वे साहित्यिक व सामाजिक संस्था ‘सिद्धान्त फाउंडेशन’ की अध्यक्ष हैं और समय-समय पर सामाजिक आंदोलनों में सक्रियता से भाग लेती रहीं हैं| लम्बे समय से दिल्ली सरकार के एक विद्यालय में शिक्षण कार्य के साथ-साथ वे साहित्य और समाज की सेवा पूरी लगन के साथ कर रहीं हैं| साहित्यिक रचनाओं के साथ-साथ सम-सामायिक और सामाजिक विषयों पर लेखन में वे माहिर हैं|


 

सत्येन्द्र प्रकाश

सलाहकार संपादक 

हिंद वॉच साप्ताहिक के सलाहकार संपादक सत्येन्द्र प्रकाश एक वरिष्ठ पत्रकार हैं| अपने जीवन के 40 साल उन्होंने पत्रकारिता (लेखन/सम्पादन) के क्षेत्र को समर्पित किया है। एक दशक से दिल्ली में प्रवास कर रहे हैं। सम्प्रति आउटलुक (हिंदी) में सीनियर कॉपी सम्पादक हैं। इससे पूर्व करीब आठ वर्ष दैनिक जागरण (उत्तर प्रदेश) से जुड़े रहे हैं। इस दौरान लखनऊ, फैज़ाबाद और अधिक समय सुलतानपुर ब्यूरो/कार्यालय अपने सेवा दे चुके हैं| पत्रकार होने के साथ-साथ वे एक रचनाकार भी हैं| उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान, आकाशवाणी इलाहाबाद, प्रयाग साहित्य सम्मेलन, नीलाभ प्रकाशन (साहित्यिक सहायक, उपेन्द्रनाथ अश्क), मनोरमा आदि के साथ काम किया है। उन्होंने दैनिक जागरण के साथ सुल्तानपुर, फैज़ाबाद, इलाहाबाद में काम किया है। कवि नरेश त्रिपाठी और मजरूह सुलतानपुरी (निधन के समय) पर लिखे उनके आलेख प्रशंसनीय हैं। सितंबर 2006 में पत्रिका समकाल के संस्थापक उपसंपादक के रूप में दिल्ली आए और तब से हरिभूमि, सीनियर इंडिया, इंडिया न्यूज, हलचल, लोकस्वामी हिंदी पत्रिकाओं से होते हुए अब आउटलुक में अपनी सेवाएं देने वाले सत्येन्द्र प्रकाश जी पत्रकारिता के साथ-साथ ग़ज़ल, कविता, व्यंग्य की रचना में भी माहिर हैं| वे जनवादी लेखक संघ और उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन के सक्रीय सदस्य और वरिष्ठ पदाधिकारी रहे हैं|


 

शशि शेखर

12 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे, शशि शेखर, सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण के माहिर माने जाते हैं| उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में काम का लम्बा अनुभव है| खोजी और जमीनी पत्रकारिता शशि शेखर की विशेषता है| अभी दिल्ली से प्रकाशित एक प्रतिष्ठित साप्ताहिक अखबार से जुडे है| सूचना का अधिकार (RTI) पर साल 2005 से काम करते रहे हैं और उन्होंने पत्रकारिता में इसका इस्तेमाल कर आरटीआई को पत्रकारिता के एक बीट के तौर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है| वे सामाजिक संस्था सीएसआईआर के संस्थापक सदस्य भी हैं| शशि शेखर नियमित रूप से हिंद वॉच मीडिया के लिए लिखते रहे हैं|


 

अलका भारतीय

स्वतंत्र रूप से लेखन करने वाली अलका भारतीय एक समाजिक कार्यकर्ता हैं| वे हाशिये के लोगों के बीच कार्य करती हैं| खासकर वंचित और सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के बच्चों की शिक्षा के लिए वे कार्यरत हैं| वे सामाजिक संस्था ‘उमंग किरण’ की अध्यक्षा हैं| उनकी संस्था संगीत के क्षेत्र में उभरते हुए कलाकारों को प्रोत्साहन और पहचान दिलाने के लिए भी काम करती हैं| अलका भारतीय कला-संस्कृति, समाजिक विषयों और स्त्री-विमर्श से जुड़े मुद्दों पर लेखन करतीं हैं| इनके लेख प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं|

 


 

कुमार कौशलेन्द्र  

सह संपादक (झारखण्ड)

कुमार कौशलेन्द्र एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे हिंद वॉच मीडिया के साथ सह संपादक (झारखण्ड) के रूप में कार्यरत हैं। वे देश की अनेक पत्र-पत्रिकाओं के साथ जुड़े रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लम्बा अनुभव रखने वाले कौशलेन्द्र झारखण्ड में रहकर सामयिक और राजनैतिक विषयों पर लेखन करते हैं। वे झारखण्ड सरकार के साथ-साथ अन्य सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों के साथ मीडिया सलाहकार के तौर पर भी कार्य कर चुके हैं।

 


 

विनोद सिंह 

उप-संपादक (सिनेमा)

सिनेमा में गहरी रूचि और समझ रखने वाले विनोद सिंह एक स्वतंत्र पत्रकार हैं| मायानगरी मुंबई में रहकर वे हिंद वॉच मीडिया के लिए नियमित तौर पर सिनेमा से जुड़े विषयों लिखते रहे हैं| उनकी फिल्म समीक्षा पाठकों के बीच बहुत लोकप्रिय है| विनोद सिंह हिंद वॉच मीडिया संपादक मंडल के सदस्य होने के साथ-साथ सिनेमा सेक्शन के उप-संपादक भी हैं| सरल भाषा और सपाट बयानी उनकी लेखनी को विशिष्ट पहचान देती है|


 

इस पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रिया ⇓
loading...