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सूचना का अधिकार किसी भी लोकतान्त्रिक व्यवस्था में आम आदमी को प्राप्त सबसे ताकतवर हथियार है| इससे जुड़े सवालों और भ्रम-भ्रांतियों को समझने के लिए निम्नलिखित सामान्य सवालों के जवाब को अवश्य पढ़े :
RTI – सूचना के अधिकार से जुड़े सवाल : पिछले पन्नें – पेज -1पेज -2

7. मैं शुल्क कैसे जमा कर सकता है?

आवेदन शुल्क के लिए हर राज्य की अपनी अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं। आम तौर पर आप अपना शुल्क निम्नलिखित तरीकों से जमा करा सकते हैं-
स्वयं नकद जमा करा के (इसकी रसीद लेना न भूले)
  •  डिमाण्ड ड्राफट
  • भारतीय पोस्टल ऑर्डर
  • मनी ऑर्डर से (कुछ राज्यों में लागू)
  •  बैंकर्स चैक से
  • केन्द्र सरकार से  मामलों में इसे एकाउंट आफिसर्स    (Account Officer) के नाम देय होने चाहिए
  •  कुछ राज्य सरकारों ने इसके लिए निश्चित खाते खोले हैं। आपको उस खाते में शुल्क जमा करना होता है। इसके  लिए स्टेट बैंक की किसी भी शाखा में नकद जमा करके उसकी रसीद आवेदन के साथ नत्थी करनी होती है। या आप उस खाते के पक्ष में देय पोस्टल ऑर्डर या डीडी भी आवेदन के साथ संलग्न कर सकते हैं।
  •  कुछ राज्यों में, आप आवेदन के साथ निर्धारित  मूल्य का कोर्ट की स्टैम्प भी लगा सकते हैं।
  • पूरी जानकारी के लिए कृपया  सम्बंधित राज्यों के नियमों का अवलोकन करें।
8. मैं अपना आवेदन कैसे जमा कर सकता हूँ?
आप व्यक्तिगत रूप से, स्वयं लोक सूचना अधिकारी  या सहायक लोक सूचना अधिकारी के पास जाकर या किसी को भेजकर आवेदन जमा करा सकते हैं। आप इसे लोक सूचना अधिकारी या सहायक लोक सूचना अधिकारी के पते पर डाक द्वारा भी भेज सकते हैं। केन्द्र सरकार के सभी विभागों के लिए 629 डाकघरों को केन्द्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी बनाया गया है। आप इनमें से किसी भी डाकघर में जाकर आवेदन और शुल्क जमा कर सकते हैं। वहां जाकर जब आप सूचना का  अधिकारी काउंटर पर आवेदन जमा करेंगे तो वे आपको रसीद और एक्नॉलेजमेंट देंगे और यह उस डाकघर की ज़िम्मेदारी है कि तय समय सीमा में आपका आवेदन उपयुक्त लोक सूचना   अधिकारी   तक पहुंचाया जाए। इन डाकघरों की सूची www.indiapost.gov.in/rtimanual116a html पर उपलब्ध् है।
9. यदि लोक सूचना अधिकारी या सम्बंधित  विभाग मेरा आवेदन स्वीकार नहीं करता तो मुझे क्या करना चाहिए?
आप इसे पोस्ट द्वारा भेज सकते हैं। अधिनियम  की धारा 18 के अनुसार आपको सम्बंधित  सूचना आयोग में शिकायत भी करनी चाहिए। सूचना आयुक्त के पास उस अधिकारी के खिलाफ २५०००  रू तक जुर्माना लगाने का अधिकारी है जिसने आपका आवेदन लेने से मना किया है। शिकायत में आपको सूचना आयुक्त को सिर्फ एक पत्र लिखना होता है, जिसमें आप आवेदन जमा करते समय पेश आने वाली परेशानियों के विषय में बताते हुए लोक सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाने का निवेदन कर सकते हैं।

10. क्या सूचना प्राप्त करने की कोई समय सीमा है?

हां, यदि आपने जन सूचना अधिकारी के पास आवेदन जमा कर दिया है तो आपको हर हाल में 30 दिनों के भीतर सूचना मिल जानी चाहिए। यदि आपने आवेदन सहायक लोक सूचना अधिकारी के पास डाला है तो यह सीमा 35 दिनों की है। यदि सूचना किसी व्यक्ति के जीवन और स्वतन्त्राता को प्रभावित कर सकती है तो सूचना 48 घंटों में उपलबध् करायी जाती है। द्वितीय अनुसुची में शामिल संगठनो के लिए यह सूचना 45 दिनों में, तथा तृतीय पक्ष में 40 दिनों उपलब्ध् कराने का प्रावधन है।
11. क्या मुझे सूचना मांगने की वजह बतानी होगी?
बिल्कुल नहीं। आपको कोई कारण या अपने कुछ ब्योरों (नाम, पता, फोन नं. के अलावा कोई भी अतिरिक्त जानकारी नहीं देनी पड़ती है। धारा 6(2) में यह स्पष्ट उल्लेख है कि आवेदक से उसके संपर्क के लिए ज़रूरी जानकारी के अलावा कोई भी जानकारी नहीं मांगी जानी चाहिए।

12. देश में बहुत से असरदार कानून हैं पर उनमें से कोई काम नहीं करता? आपको इतना विश्वास क्यों है कि यह कानून काम करेगा?

यह कानून काम कर रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि स्वतन्त्रा भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा कानून बना है जो अधिकारीयो  की लापरवाही पर तुरन्त उनकी सीधी  जवाबदेही तय कर देता है। यदि सम्बंधित अधिकारी आपको तय समय सीमा में सूचना उपलब्ध् नहीं कराता तो उसके बाद सूचना आयुक्त 250 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से उस पर जुर्माना लगा सकता है। यदि उपलब्ध् कराई गई सूचना ग़लत है तो अधिकतम  25000 का जुर्माना लगाया जा सकता है। आपके आवेदन को फालतू बताकर जमा करने और अधूरी सूचना उपलब्ध् कराने के लिए भी जुर्माना लगाया जा सकता है। यह जुर्माना अधिकारी की तनख्वाह से काटा जाता है।

13. क्या अभी तक किसी पर जुर्माना लगा है?

हां, केन्द्र और राज्य सूचना आयुक्तों ने कुछ अधिकारीयों पर जुर्माने लगाए हैं. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश कर्नाटक, गुजरात और दिल्ली में कई अधिकारीयों पर जुर्माना लगा है।

14. क्या लोक सूचना अधिकारी पर लगा जुर्माना आवेदक को मिलता है?

नहीं। जुर्माने की राशि सरकारी खजाने  में जमा होती है. हालांकि धारा 19 के अनुसार, आवेदक सूचना मिलने में हुई देरी के कारण हर्जाने की मांग कर सकता है।
पढ़ते रहिये … RTI – सूचना के अधिकार से जुड़े सवाल पेज -1पेज -2पेज -4, पेज -5

RTI आवेदन लिखने की विस्तृत जानकारी के लिए इस वीडियो को जरूर देखिये :

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