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देश में गंदगी का क्या हाल है यह किसी से छिपा नहीं है, इसके बावजूद सरकार सिरद स्वच्छ भारत योजना जैसे नारों से अपनी पीठ थपथपा लेती है जबकि सारा देश सीवर के अन्दर रहता लगता है। और सीवर की सफाई को लेकर हो रहे हादसे तो किसी से छिपे नहीं हैं।
ऐसे में एक राहत भरी खबर यह है कि जिन लोगों को सीवर में उतरकर सफाई करनी पड़ती थी अब शायद न करनी पड़े क्योंकि उनका काम करने के लिए अब रोबोट जो आ गए हैं। सुनने में भले ही यह अटपटा लगे लेकिन सच है।
केरल में सीवर की सफाई करने वालों को अब रोबॉट इस काम से मुक्ति दिलाएगा। स्टार्टअप फर्म जेनरोबॉटिक्स द्वारा डिवेलप बैंडिकूट की मदद से सीवर होल्स की सफाई की जाएगी।
सदियों से चली आ रही सफाई की इस प्रथा की समाप्ति के लिए केरल जल प्राधिकरण और केरल स्टार्टअप मिशन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया। टेक्नॉलजी और प्रॉडक्ट्स के ट्रांसफर के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ, जिसमें सफाई के लिए रोबॉट का इस्तेमाल भी शामिल था।
अभी इंसानों के द्वारा ही किए जाने वाले इस काम के लिए खास तौर पर तैयार रोबॉट में हाथ-पैर के अलावा बाल्टी भी लगी होगी और यह एक स्पाइडर वेब से अटैच होगा। यह वाई-फाई और ब्लूटूथ मॉड्यूल्स के साथ उपलब्ध होगा।
बैंडिकूट रोबॉट का काम जल्द से जल्द शुरू करने की योजना है। मार्च में अट्टूकल पोंगल उत्सव के दौरान ये रोबॉट तिरुवनंतपुरम के सीवर होल्स की सफाई में लॉन्च होगा।
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