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वैसे तो नेताओं से ज्यादा ख़ौफ़नाक दुनिया में शायद ही कोई और हो और ये कौम शायद ही किसी से डरती हो लेकिन एक दिलचस्प बात सामने आयी है कि । राज्य में विधायकों को इस बात का शक है कि राजस्थान विधानसभा में आत्माओं का वास है।

विधायकों का मानना है कि सदन में 200 सदस्यों की संख्या ज्यादा वक्त नहीं टिकती है या तो किसी एक की ओर से इस्तीफा दे दिया जाता है, नहीं तो कोई जेल जाता है या फिर किसी एक की मौत हो जाती है। इसके पीछे उन्होंने प्रेत आत्माओं को जिम्मेदार ठहराया है।

इसे अंधविश्वास कहिए या फिर मौत का डर, कि विधायक अपने इस डर को लेकर सीएम के दरवाजे ये अर्जी लेकर पहुंच गए कि उन्हें भूत से बचाया जाए।
सबने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से बातचीत भी की है।

इसके साथ ही उन्होंने कोई पुजारी बुलाकर प्रेत आत्मा को शांत कराने की मांग की है। बीजेपी विधायक कल्याण सिंह चौहान के निधन होने के बाद अन्य विधायक और डर गए।

इसके साथ ही उन्होंने इन तमाम गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उपाय करने की मांग की। बता दें कि पिछले वर्ष मांडलगढ़ से बीजेपी विधायक कीर्ति कुमारी की स्वाइन फ्लू के चलते मौत हो गई थी।

इससे पहले बीएसपी एमएलए बीएल कुशवाहा को हत्या के मामले में जेल हो गया। पिछली विधानसभा में कांग्रेस एमएलए महिपाल मदेरणा, मलखान सिंह बिश्नोई और बाबू लाल नागर को मर्डर और रेप के आरोप में जेल भेज दिया गया था।

नागौर से बीजेपी विधायक हबीबुर रहमान कहते हैं, ‘जिस जमीन पर नई इमारत का निर्माण हुआ है उसे पहले कब्रिस्तान के रूप में प्रयोग किया जाता था। यहां पर निश्चित रूप से लोग बच्चों के शव भी दफनाते रहे हैं। बुरी आत्माएं आमतौर पर ऐसी ही जगहों के आसपास घूमती हैं।’

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कुल मिलाकर सारा मामला हास्यास्पद है और ये विधायक जनहित के मुद्दों और विकास के काम और ध्यान लगाने के बजाए भूत प्रेत के ड्रामे में जनता का औऱ धन बर्बाद कर रहे हैं।

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