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भाजपा की राजस्थान उपचुनाव में करारी हार हुई है। उसे तीनों की तीनों सीटें गंवानी पड़ी हैं। भाजपा की यह अब तक तक की सबसे बुरी हार भी कहा जा सकता है।

जिस तरह से कांग्रेस के सामने भाजपा पिछले कुछ चुनाव में घुटने टेकती दिखी है उस से तो यह साबित होता है कि भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है।
बहरहाल अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के डॉ. करण सिंह यादव ने बीजेपी के जयवंत सिंह यादव को एक लाख 96 हजार 496 मतों के अंतर से हराया।

वहीं अजमेर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के रघु शर्मा ने बीजेपी के राम स्वरूप लाम्बा को 84 हजार 414 मतों के अंतर से और मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस के विवेक धाकड़ ने बीजेपी के शक्ति सिंह हांडा को 12 हजार 976 मतों से पराजित किया है।

यह जीत भाजपा पर इसलिये भी भारी पड़ेगी क्योंकि राजस्थान में इस वर्ष के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। और ये चुनावी नतीजे भाजपा का भविष्य खतरे में डालते दिखते हैं।

कांग्रेस ने जिस तरह से धीरे धीरे जीत हासिल की है उस से राहुल गांधी का बढ़ता कद भी परिलक्षित होता है। उधर कांग्रेस प्रमुख सचिन पायलट ने नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के इस्तीफे की मांग की है।
अजमेर और अलवर की लोकसभा सीटों और मांडलगढ़ विधानसभा सीट के लिए आए चुनाव परिणाम के बाद प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्विटर के जरिए दी गई प्रतिक्रिया में कहा, ‘जनता की सेवा का जो प्रण चार साल पहले लिया था, उसे पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आज निर्वाचन क्षेत्रों में जो फैसला जनता दिया है, वह सिर आंखों पर।’

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘हम राजस्थान के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और रहेंगे। मैं बीजेपी प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं और नेताओं का आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने इन चुनावों में मेहनत की लेकिन अब हमें और कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।’
समय देखिए पिछले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों में से एक में भी जीत हासिल नहीं हुई थी। और इस बार भाजपा का हश्र बुरा हुआ।

तीन दशकों में यह पहला मौका है जब उपचुनाव में विपक्षी उम्मीदवार चुनाव जीते हैं और सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार को पराजय का सामना करना पड़ा है। पायलट ने कहा कि बीजेपी ने धर्म और जातिवाद की राजनीति कर ध्रुवीकरण का प्रयास किया लेकिन मतदाताओं ने उसे नकार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही है ताकि कांग्रेस को सत्ता सौंप सके। प्रदेश की जनता वसुंधरा राजे सरकार से परेशान है।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बीजेपी की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने जनाधार को स्वीकारते हुए कहा है कि हार के कारणों का विश्लेषण कर कमियों को दूर करेंगे।

इन तमाम नतीजों और विश्लेषण से पता चलता है कि भाजपा के साथ अब जनता उस तरह नहीं है जिस तरह से मोदी लहर के समय थी। क्या भाजपा के अस्त और कांग्रेस से दोबारा उदय का समय शुरू हो रहा है क्या?

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