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नई दिल्ली
यरलाइनों से मुकाबला करने के मकसद से भारतीय रेलवे ने कुछ ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर योजनाओं को हटाने और अन्य में छूट पेश कर यात्रियों को लुभाने की योजना बनाई है। यह कदम फेस्टिवल सीजन की शुरुआत से ठीक पहले उठाया गया है, जब एयरालाइनें छूट की योजनाओं से भरी पड़ी हैं। रेलवे ने वर्तमान फ्लेक्सी-फेयर ट्रेनों की सभी श्रेणियों के किराए में भारी छूट की योजना बनाई है। सीटों की संख्या बढऩे पर फ्लेक्सी फेयर में टिकटों के दाम बढ़ जाते हैं।

रेलवे 70 फीसदी भरी सीटों वाली प्रीमियम ट्रेन के किराए में 20 फीसदी तक की छट देगा जबकि 70 से 80 फीसदी बुक सीटों वाली ट्रेनों के किराए में 10 फीसदी की छूट दी जाएगी।

हालांकि 80 फीसदी से ज्यादा भरी सीटों वाली प्रीमियम ट्रेनों के किराए में कोई छूट नहीं दी जाएगी। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस योजना को 15 ट्रेनों में बंद कर दिया गया है, जहां साल भर औसतन एक तरफा मासिक सीटें 50 फीसदी से कम भरती हैं।

नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने बुधवार को आईएएनएस को बताया, ‘‘इस फैसले के बाद किराए में कमी होने से 15 फीसदी तक सीटें भरेंगी।’’

यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह रेलवे को अधिक यात्रियों को लुभाने में मदद करेगा, जो अन्य परिवहन साधनों की ओर रुख कर चुके हैं विशेषकर विमानन क्षेत्र की ओर। इसके अतिरिक्त, फ्लेक्सी फेयर योजना उन 100 ट्रेनों में जारी रहेगी, जिसमें सालभर 75 फीसदी से ज्यादा एकतरफा मासिक सीटें भरी रही हैं।

अधिकारी ने कहा कि यह बदलाव छह महीनों के प्रायोगिक आधार पर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके नतीजों के आंकलन के बाद फैसले को जारी रखने के बारे में सोचा जाएगा। रेलवे ने नौ सितंबर को राजधानी की 44, दुरंतो की 52 और शताब्दी एक्सप्रेस की 46 प्रीमियम ट्रेनों के लिए फ्लेक्सी फेयर योजना पेश की थी।
आईएएनएस

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