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राहुल गांधी अब मुखरता से ऐसे बयान देने लगे हैं जिन्हें सुनकर आप यह नहीं कह पाएंगे कि मोदी सरकार में विपक्ष खामोश और कमजोर हो गया है। अक्सर यह कहा जाता था कि मोदी जी के सत्ता में आते ही देश से विपक्ष गायब हो गया था और सरकार पर हमला बोलने वाला अब कोई नहीं हैं।

उनकी शिकायत अब दूर हो गयी है। क्योंकि राहुल गांधी अपनी ताजपोशी के बाद से मोदी सरकार की जमकर आलोचना कर रहे हैं।

ताजा हाल यह है कि इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे हमला करते हुए राफेल डील घोटाले का ठीकरा फोड़ा है। राहुल गांधी ने कहा कि आखिर क्या वजह है कि रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण राफेल एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए भुगतान की गई राशि का खुलासा नहीं कर रहीं हैं।

इसका मतलब सिर्फ और सिर्फ घोटाला है। राहुल ने मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि पूरा देश जानता है कि वे निजी रूप से पेरिस गए थे। उन्होंने वहां पुराने सौदे को बदल दिया।

दरअसल रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बताया था कि फ्रांस के साथ राफेल एयरक्राफ्ट का सौदा दो देशों के बीच समझौता है, इस नाते इसे गोपनीय रखा जाएगा। इसके साथ ही सीतारमण ने ये भी कहा था कि इस सौदे में कोई भी सार्वजनिक या निजी कंपनी शामिल नहीं है।

जिस पर विपक्ष ने सवाल उठाया था कि आखिर सरकार डील की राशि का खुलासा करने से क्यों दूर भाग रही है। राहुल गांधी ने रक्षामंत्री के संसद में दिेए बयान के आधार पर प्रधानमंत्री को घेरने की कोशिश की।

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हालांकि रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच राफेल एयरक्राफ्ट की खरीद से जुड़े अंतरसरकारी समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला देते हुए इसे गोपनीय करार दिया था।

संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने मीडिया पर भी सवाल उठाए। कहा कि वह जानते हैं कि आप लोग डरते हैं, दबाव रहता है लेकिन कभी तो सच्चाई का साथ दीजिए।

जिस तरह से राहुल मीडिया को भी सच बोलने पर उकसा रहे हैं मोदी सरकार पर सीधे हमलावर हो रहे हैं, उसे देखते हए लगता है आने वाले समय में कांग्रेस और भाजपा में सीधा सियासी घमासान मचने वाला है। लेकिन अच्छे बात यह है कि विपक्ष अब सक्रिय दिख रहा है।

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