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मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। यहां की युवा आबादी को हुनरमंद बनाकर हम विकास के पथ पर तेजी से बढ़ सकते हैं। ज्ञान आधारित युग में आज डिग्री केवल डिग्री के बल पर रोजगार नहीं मिल सकता है। उन्होंने कहा कि कम -पढ़ा लिखा हुआ व्यक्ति भी हुनरमंद हो, तो उसे अच्छा अवसर मिल सकता है। झारखंड राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यहां के बच्चों को थोड़ा भी प्रशिक्षण दिया जाये, तो वे पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा सकते हैं और इस सपने को पूरा करने में कौशल विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले इसकी महत्ता को पहचाना और कौशल विकास मंत्रालय का गठन किया और राज्य सरकार भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री रघुवर दास झारखण्ड मंत्रालय में स्टेट स्किल प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष एक साथ 25 हजार युवाओं को रोजगार के लिए पत्र दिये गये। यह अपने आप में एक ऐतिहासिक पल था।

“अगले वर्ष 12 जनवरी को एक लाख युवाओं को एक साथ रोजगार से जोड़ा जायेगा। हमारे देश में अभी 15-20 प्रतिशत लोग ही हुनरमंद हैं, जबकि कोरिया में 96 प्रतिशत, जापान में 80 प्रतिशत जनता प्रशिक्षित है। झारखंड सरकार कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए मिशन के साथ काम कर रही है। कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार दुनियाभर की कंपनियों के साथ करार कर रही है। बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए कई इंसेंटिव दिया जा रहा है।”

कार्यक्रम में उच्च, तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में 36 बच्चें विजयी घोषित हुए हैं। इन्हें पुरस्कार के साथ-साथ प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील वर्णवाल, उच्च, तकनीक एवं कौशल विकास के सचिव अजय कुमार सिंह, कौशल विकास मिशन के निदेशक रवि रंजन, कौशल विकास मिशन के सीईओ अमर झा, एनएसडीसी के प्रोजेक्ट हेड रंजन चौधरी, ट्रेनिंग प्रोवाइडर, स्टेट स्कील प्रतियोगिता के सभी प्रतिभागीगण एवं विभाग के अधिकारीगण और कर्मचारीगण समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

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