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अभी प्रवीण तोगड़िया प्रकरण खत्म नहीं हुआ कि उनके जैसा एक और मामला सामने आया है। लगता है कोई हिंदुत्व संगठन से जुड़े लोगों के लिए ऑपरेशन क्लीन चला रहा है।

तभी अब विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया द्वारा किसी से जान का खतरा होने के बाद अब श्री राम सेना के संस्थापक प्रमोद मुथालिक ने आरोप लगाया है कि आरएसएस के कुछ पूर्व साथियों से उन्हें जान का खतरा है।

संयोग देखिए कि तोगड़िया की तरह इन्हें भी संघ से जान को खतरा है। ये वही संघ है जो हिंदुत्व से जुड़े संगठन को अपना समर्थन देता आया है। ऐसे में श्रीराम सेना के संस्थापक को जान का खतरा होना जाहिर करता है कि कोई है जो इन सबको को जान का खतरा महसूस करवा रहा है।

आखिर कौन हैं हो भाजपा की सरकार में इनकी जान का खतरा बन हुए हैं। जब तोगड़िया ने इस बाबत मोदी और संघ पर इशारे में आरोप लगाया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई। ऐसे में इनके खिलाफ भी कोई न कोई एक्शन जरूर लिया जाएगा।

गौरतलब है कि एक इंटरव्यू में प्रमोद मुथालिक ने कहा “मैं अपने दुश्मनों को बहुत अच्छे से जानता हूं। कांग्रेस, बुद्धिजीवी और कम्यूनिस्ट्स मेरे दुश्मन हैं लेकिन इनके बारे में सब जानते हैं। ये लोग मेरे खिलाफ काम करते हैं। मैं केवल उन लोगों को लेकर चिंतित हूं जो मेरे अपने हैं और मुझे नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा “वे पीछे से वार करने में बहुत अच्छे हैं। प्रवीण तोगड़िया के साथ जो हुआ वह मेरे साथ भी हो सकता है।”

प्रमोद मुथालिक ने सीधे तौर पर आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा “कर्नाटक के वरिष्ठ आरएसएस नेता मंगेश भेंडे मुझे पसंद नहीं करते। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर और धरवाड़ सांसद प्रहलाद जोशी का समर्थन प्राप्त है। वे मुझे उत्तरी कर्नाटका में नहीं चाहते हैं। मेरे पीछे मेरे अपने ही लोग हैं। उन्हें मेरी लोकप्रियता पसंद नहीं है। उन्हें यह बिलकुल भी पसंद नहीं है कि किसी को नाम और शोहरत मिले।”

वहीं प्रमोद मुथालिक के आरोपों पर बीजेपी और आरएसएस के नेताओं से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

जाहिर है खौफ उनके अंदर समा गया है इसलिए इन्हें मीडिया में आकर संघ और निशाना साधना पड़ रहा आई। सत्ता, साजिश और कट्टरपंथ का यह कॉकटेल देश के लिए काफी खतरनाक होता जा रहा है।

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