(Photo by Jakob from Pexels https://www.pexels.com/photo/woman-in-white-cap-sleeved-shirt-blowing-dust-632722)
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इसमें कोई शक नहीं है कि होली के त्यौहार को हर्षो-उल्लास के साथ परस्पर प्रेम को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया होगा। समय के साथ-साथ इस पर्व को मनाने के तरीकों में विकृतियाँ आने लगी। रंग-गुलाल तक तो ठीक था लेकिन जब से इस पर्व को कीचड़, केमिकल से बने जिद्दी रंगों और अमर्यादित हुल्लड़ के साथ मनाया जाने लगा तब से होली का असली मकसद रंगहीन होने लगा है। इस वर्ष होली से ठीक पहले दिल्ली में एक युवती पर वीर्य से भरा गुब्बारा फेंका गया। इससे शर्मनाक और अमर्यादित घटना और क्या होगी? फिर लोग कहते हैं कि होली पर पानी में नहीं भीगे तो भला क्या होली खेला? मतलब होली आई है, तो रंगों से भींगना भी जरूरी है। यह भी कहा जाता है कि होली पर जमकर मिठाई और पकवान नहीं खाए तो क्‍या खाया?

मस्ती और चटखारे के बीच हमें अपने सेहत को लेकर भी सतर्क रहना बहुत जरुरी है। आजकल बाजार में आने वाले रासायनिक रंगों में लेड ऑक्‍साइड, मरकरी सल्‍फाइड, एल्युमिनियम ब्रोमाइड और कॉपर सल्‍फेट जैसे घातक रसायन होते हैं, जो एलर्जी के अलावा और भी कई परेशानियां पैदा कर सकते हैं। कई रंग तो आपको अंधा भी बना सकते हैं। वहीं पानी में ज्‍यादा भीगने से भी परेशानी हो सकती है।

मर्यादा और सावधानी से मनाएं होली। अपनाएँ निम्नलिखित उपाय :

  1. होली खेलते वक्त त्वचा लगातार पानी के संपर्क में रहती है, इसलिये त्वचा पर घाव और कटने-छिलने के चांस बढ़ जाते हैं। अगर आपकी त्वचा कट छिल जाए तो उस पर एंटीसेप्टिक लगाएं और रंग खेलना बंद कर दें।
  2. रंग खेलने से पहले बालों में खूब सारा तेल लगाएं और सिर को रुमाल या स्‍कार्फ से ढक लें। सिंथेट‍िक रंग बालों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  3. होली पर सिंथेटिक रंगों से बचकर रहें। इन रंगों में लेड आक्साइड, मरकरी सल्फाइड ब्रोमाइड, कापर सल्फेट आदि भयानक केमिकल मिले होते हैं जो कि आंखों की एलर्जी, त्वचा में खुजली और अंधा तक बना देते हैं। इनकी जगह हिना, हल्दी पाउडर, चंदन, फूलों की पंखुड़‍ियों का चूरा आदि भी प्रयोग कर सकते हैं, जो कि त्वचा को बिल्कुल नुकसान नहीं पहुंचाएंगे।
  4. होली पर गुब्‍बारों से भी बचें। अक्‍सर ये आंख में लग जाते हैं जिसकी वजह से रोशनी तक जा सकती है।
  5. वे लोग जिन्हें रंगों से एलर्जी हैं, उन्हें हर हाल में इन रंगों से दूर रहना चाहिये। साथ ही एक्जिमा से परेशान लोगों को भी इन रंगों से दूर रहना चाह‍िए। बेहतर होगा क‍ि रंग खेलने से पहले शरीर पर नारियल का तेल या सरसों का तेल लगा लीजिये, जिससे रंग त्वचा पर ना च‍िपके।
  6. त्योहार आने पर कर्इ लोग जो डाइटिंग पर भी होते हैं, वह भी इस दिन खुद के पेट को कंट्रोल नहीं कर पाते। इसका नतीजा तबीयत खराब के तौर पर हो सकता है।
  7. होली के मौके पर पानी में ज्‍यादा भीगने से भी बचें। इससे बुखार, जुकाम, सिर दर्द, नाक बहना, बदन दर्द आदि की परेशानियां हो सकती हैं।
  8. होली पर किसी भी अमर्यादित आचरण से तौबा कर लेना चाहिए। महिलाओं के साथ होली खेलते समय यह याद रखना जरूरी है कि किसी भी पर्व से बड़ा है एक स्त्री का सम्मान।
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