Print Friendly, PDF & Email



नीरज एक्टर भी थे, लेखक भी और निर्देशक भी, एक साथ कई रोल सालों से निभा रहे नीरज वोरा लम्बे समय से कोमा थे और गुरुवार की सुबह 4 बजे मुंबई के क्रिटी केयर अस्पताल में उनका निधन हो गया। पिछले साल अक्टूबर में उन्हें हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक आया था। इसके बाद उन्‍हें दिल्ली स्थित एम्स में एडमिट कराया गया था, वहां नीरज कोमा में चले गए थे और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। नीरज पिछले 10 महीने से कोमा में थे। एम्स से उन्हें उनके दोस्त फिल्म निर्माता फिरोज नाडियाडवाला के घर शिफ्ट कर दिया गया था। फिरोज नाडियाडवाला नीरज की सारी जिम्‍मेदारी उठा रहे थे।

नीरज की अच्छी तरह देख-रेख के लिए फिरोज ने जुहू स्थित अपने बंगले के एक कमरे को ICU में बदल दिया था। मार्च 2017 से ही 24 घंटे एक नर्स, वॉर्ड बॉय और एक कुक नीरज के साथ रहते थे, इसके अलावा फ़िज़ियोथेरपिस्ट, न्यूरो सर्जन, ऐक्यूपंगक्चर थेरपिस्ट और जनरल फिजिशन समय-समय पर नीरज का इलाज कर रहे थे।

नीरज ने ‘फिर हेराफेरी’ और ‘खिलाड़ी 420’ जैसी सफल फिल्मों का निर्देशन किया था। नीरज राइटर भी थे, उन्होंने ‘रंगीला’, ‘अकेले हम अकेले तुम’, ‘ताल’, ‘जोश’, ‘बदमाश’, ‘चोरी चोरी चुपके चुपके’ और ‘आवारा पागल दीवाना’ जैसी फिल्‍मों के संवाद लिखे थे। नीरज ‘हेराफेरी 3’ की स्क्रिप्ट और निर्देशन पर काम कर रहे थे, लेकिन बीमारी के चलते इसमें रुकावट आ गई थी। बताया जा रहा था कि वह पैसों की तंगी से भी जूझ रहे थे। अभिनेता परेश रावल ने ट्वीट कर उनके निधन पर दुःख व्यक्त किया है।

इस पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रिया ⇓
loading...