Print Friendly, PDF & Email

जिन्हें लगता है अभिनेता ओमपुरी इस दुनिया से कूच कर गए उनके लिए अच्छी खबर यह है अभे इभी उनकी कई फिल्में रिलीज होंगी, जाहिर है इस से उनके फैन्स उन्हें फिर से परदे पर देख सकेंगे और हाँ जिन्हें यह लगता था कि उनकी आखिरी फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ तो वे एक बार फिर सोच लें।

दरअसल ऐक्टर ओम पुरी के निधन के बाद भी फैन्स उन्हें एक आखिरी बार पर्दे पर फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ में देख सके थे। अब आपको बता दें कि ‘ट्यूबलाइट’ ओम पुरी की आखिरी फिल्म नहीं थी बल्कि वह एक बार फिर से पर्दे पर दिखाई देंगे। इस तरह से वे अभी भी परदे पर जिन्दा हैं।

आपको बता दें कि ओम पुरी ने बॉलिवुड की फिल्मों में कई यादगार किरदार निभाए हैं। जनवरी, 2017 में उनका निधन हो गया था। निधन के बाद वह सलमान खान स्टारर फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ में नजर आए थे।

खबर है कि अब एक बार फिर से ओम पुरी प्रड्यूसर लक्ष्मी आर. अय्यर की आने वाली हिस्टॉरिक ड्रामा फिल्म ‘गांधी: द कॉन्सपिरेसी’ में दिखाई देंगे। इस फिल्म में उन्होंने एक दिलचस्प रोल किया है।

इस बाबत ओम पुरी के साथ काम करने के अनुभव को साझा करते हुए लक्ष्मी ने कहा, ‘ओम सर एक बेहतरीन ऐक्टर थे और एक अच्छे इंसान थे। उन्होंने स्क्रिप्ट पढ़ा, उन्हें सब्जेक्ट पसंद आया और फिल्म का हिस्सा बनने के लिए दो दिन में ही मान गए।’

ओम पुरी ने अपने फ़िल्मी सफर की शुरुआत मराठी नाटक पर आधारित फ़िल्म ‘घासीराम कोतवाल’ से की थी। वर्ष 1980 में रिलीज फ़िल्म “आक्रोश” ओम पुरी के सिने करियर की पहली हिट फ़िल्म साबित हुई।पुरी की पहली फ़िल्म चोर चोर छप जा, एक बच्चों की फ़िल्म थी। इस समय के दौरान, समाप्त करने के लिए उन्होंने अभिनेता स्टूडियो में भी काम किया, जहां गुलशन ग्रोवरंद जैसे भविष्य के कलाकार अनिल कपूर उनके छात्र होंगे।

यह भी पढ़ें :  मार्खेज को डिमेंशिया हो गया है (कविता)- अंशु मालवीय

इसके बाद पुरी ने कई भारतीय फ़िल्मों में काम किया, साथ ही यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य में कई फ़िल्में बनाई। पुरी ने 1 9 76 की मशहूर फ़िल्म घोरीराम कोतवाल की मुख्यधारा फ़िल्मों की शुरुआत की,  विजय तेंदुलकर द्वारा इसी नाम के एक मराठी नाटक पर आधारित।

इस पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रिया ⇓