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नितिश कुमार

दुमका : अपनी जनसभाओं और शासकीय बैठकों में मुख्यमंत्री रघुवर दास यह दोहराना नहीं भूलते कि “झारखंड में निचले स्तर पर अभी तक भ्रष्टाचार और बिचौलिये हावी हैं। सिस्टम में नीचे बैठे लोगों को खून पीने की आदत वर्षों से लगी हुई है। कुछ लोग तो ऐसे हैं, जो दिन में घूस न लें तो रात में नींद नहीं आएगी।”

रिश्वत लेते हुए हिंद वॉच के खुफिया कैमरे में कैद हो गए शंकरपुर के पंचायत सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता। वीडियो देखिये :

मुख्यमंत्री कहते हैं कि भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता है, लेकिन इस पर लगाम लगाने की कार्रवाई चल रही है। मुख्यमंत्री मंचों से यह भी कहते नहीं अघाते कि भ्रष्टाचार को कम करने के लिए ही उनकी सरकार ने हर जिले में एसीबी का कार्यालय खोला और पिछले 14 साल में जितने भ्रष्टाचारी नहीं पकड़े गए होंगे, उससे कहीं अधिक लोग इन तीन वर्षों में गिरफ्तार किए गए। 14 साल से अफसर बेलगाम थे। इन्हें ठीक किया जा रहा। थोड़ा समय लगेगा।

बावजूद इसके दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड के शंकरपुर पंचायत में तैनात पंचायत सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता का मामला ठंडा ही पड़ा दिखता है  ज्ञातव्य है कि विकास कार्य हेतु आवंटित राशि में से बतौर कमीशन नगद वसूली करते हिन्द वाच के खुफिया कैमरे में कैद हो कर हजारों लोगों के बीच झारखण्ड सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त शासन के दावे की कलई खोलने वाला पंचायत सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता बेख़ौफ़ अपने कार्य में लगा हुआ है। ख़बर लिखे जाने तक घूस लेते ख़ुफ़िया कैमरे में कैद पंचायत सचिव की कारगुजारी से बेपरवाह दुमका जिला प्रशासन ने उसके खिलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की है।

झारखण्ड के दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड के शंकरपुर पंचायत के निवासियों के अनुसार पंचायत सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों और ठेकेदारों से रिश्वत मांगते हैं और जब तक रिश्वत की रकम नहीं मिल जाती है, वे काम को अटका कर रखते हैं।

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ग्रामीणों की शिकायत पर हिंद वॉच ने रिश्वतखोर पंचायत सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता को रंगेहाथ खुफिया कैमरे में कैद किया। रिश्वत लेते समय पंचायत सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता ग्रामीण को यह भी बताना नहीं भूलते कि रिश्वत की यह पूरी रकम उनकी जेब में नहीं जाएगी बल्कि इसमें उपर के अधिकारीयों का परसेंटेज भी बंधा हुआ है। गुप्ता बजाप्ता बीडीओ व अन्य आलाधिकारियों को रिश्वत की रकम का हिस्सेदार बताने से भी नहीं चूका।

देखना दिलचस्प होगा कि भ्रष्टाचार मुक्त ‘न्यू झारखण्ड’ बनाने में जुटे मुख्यमंत्री रघुबर दास का तंत्र कृष्ण कुमार गुप्ता के खिलाफ़ क्या कार्रवाई करता है? उल्लेख अप्रासंगिक नहीं होगा कि झारखंड पुलिस ने विभिन्न मामलों में अभियुक्तों को सजा दिलाने के लिए 1000 केस को स्पीडी ट्रायल के लिए चिह्नित कर कार्रवाई की अनुशंसा की है। इन मामलों के लिए पुलिस ने गवाह और साक्ष्य को भी प्रस्तुत करने की हामी भरी है किन्तु  दूसरी ओर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(एसीबी) में दर्ज कई केस में एसीबी के अधिकारी न्यायालय में गवाह तक प्रस्तुत नहीं कर पा रहा रहे हैं। जबकि न्यायालय ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों  के निबटारे को  उच्च प्राथमिकता में रख  रखा है।

शंकरपुर के पंचायत सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता सरीखे कई अन्य पहले भी सरकार की भ्रष्टाचार और बिचौलिया मुक्त शासन व्यवस्था की कोशिश को पलीता लगाते धरे जा चुके हैं लेकिन दंड में विलंब शासन के बुलंद ईकबाल के लिये अब तक चुनौती बना हुआ है।

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