Print Friendly, PDF & Email



हम डिजिटल दुनिया में सवार होकर मोदी सरकार के हाईटेक प्लान की तारीफ़ करते नहीं थकते लेकिन इन्टरनेट जैसे मामूली फील्ड में भी हम पाकिस्तान से हार गए। बात उतनी छोटी नहीं है जितनी लगती है, हम पाक के मुकाबले तकनीक में इतने संपन्न होने का दावा करते हैं लेकिन जब दुनिया भर में सर्वे होते हैं तो हम पाक के सामने कमजोर दिखते हैं। दरअसल मोबाइल इंटरनेट स्पीड के मामले में दुनिया में भारत का 109वां और फिक्स ब्रॉडबैंड के मामले में 76वां स्थान है, जबकि इसमें 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऊकला के नवंबर के स्पीडटेस्ट ग्लोबल इंडेक्स से यह जानकारी मिली है। ‘2017 की शुरुआत में, भारत में औसत मोबाइल डाउनलोड स्पीड 7.65 एमबीपीएस थी, लेकिन साल के अंत तक यह बढ़कर 8.80 फीसदी हो गई, जोकि 15 फीसदी की बढ़ोतरी है।’

‘हालांकि मोबाइल की स्पीड में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की स्पीड में प्रभावशाली तरीके से वृद्धि हुई है। जनवरी में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की औसत स्पीड 12.12 एमबीपीएस थी, जबकि नवंबर में बढ़कर यह 18.82 एमबीपीएस हो गई, जो कि करीब 50 फीसदी की छलांग है।’

नवंबर में दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल स्पीड नॉर्वे में दर्ज की गई, जो 62.66 एमबीपीएस रही। फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में सिंगापुर सबसे आगे रहा, जहां 153.85 एमबीपीएस की औसत डाउनलोड स्पीड दर्ज की गई। ऊकला के सह-संस्थापक और महाप्रबंधक डोग सटेल्स ने कहा, ‘भारत में मोबाइल और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड दोनों की स्पीड में तेजी से सुधार हो रहा है। यह सभी भारतीय ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है, चाहे वे किसी भी ऑपरेटर का कोई भी प्लान क्यों न लें। हालांकि भारत को स्पीड के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों तक पहुंचने में काफी समय लगेगा।’

इंटरनेट स्पीड के मामले में ये भी रहे भारत से आगे
31वें स्थान पर चीन (31.22Mbps)
44वें पर अमेरिका (26.32Mbps)
89वें स्थान पर पाकिस्तान (13.08Mbps)
99वें स्थान पर नेपाल (10.97Mbps)
107वें स्थान पर श्रीलंका (9.32Mbps)
ये तो वाकई शर्म वाली बात है हमारे विकास के दावों के लिए।

इस पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रिया ⇓
loading...