देश के लिए नाक्सालवाद अब एक बड़ा नासूर बनता जा रहा है, बिहार की ताजा अघतना इस बात की तस्दीक करती है कि हमारा सुरक्षा तंत्र इतना कमजोर है कि नाक्साली कभी भी कहीं हमला कर सकते हैं और उसके पाद आराम से पुलिस और कानून के एगिराफ्त से बचकर निकल भी सकते हैं।

गौरतलब है कि बिहार के मसूदन रेलवे स्टेशन पर नक्सलियों ने बीती रात हमला कर दिया। इसी के साथ उन्होंने सहायक स्टेशन मास्टर और एक अन्य रेलवे स्टाफ को बंदी बना लिया। नक्सलियों ने स्टेशन की प्रॉपर्टी में आग लगाकर क्षति पहुंचाई।

जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों ने मंगलवार को देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे जमालपुर किऊल रेलखंड स्थित मसूदन रेलवे स्टेशन पर हमला किया था। रेलकर्मियों को अगवा करने के अलावा उन्होंने सिग्नलिंग पैनल भी फूंक दिया था।

एजेंसी के मुताबिक, सहायक स्टेशन मास्टर ने अगवा होने से पहले माल्दा डीआरएम को कॉल कर जानकारी दी थी कि यदि मसूदन ट्रैक पर ट्रेन का आवागमन जारी रहा तो नक्सली उन्हें जान से मार देंगे।

इसके बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को एहतियाती उपाय के रूप में दूसरे ऑप्शन देखने का अनुरोध किया गया।

इस घटना की वजह से ट्रेनों की आवाजाही थोड़ी देर के लिए बाधित रही और यात्रियों को परेशानी हुई। सिग्लनिंग पैनल को ठीक करने के बाद आवागमन शुरू हुआ।

रेलवे स्टेशन में हमले को पुलिस प्रशासन की बड़ी लापरवाही बताया जा रहा है क्योंकि मसूदन, बिहार का नक्सल प्रभावित इलाका है जहां पहले ही अलर्ट जारी कर पुलिस- सुरक्षा बलों को चौकन्ना रहने का आदेश दिया गया था।

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