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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा केवल 11 लोगों को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिये जाने की घोषणा के बाद इस पुरस्कार वितरण समारोह को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बृहस्पतिवार 3 मई 2018 को राष्ट्रपति द्वारा कुछ अहम पुरस्कार ही दिए जाने की घोषणा से पुरस्कृत होने वाले कई लोग नाराज हो गए हैं। कई ने पुरस्कार न लेने और समारोह का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।

नेशनल पुरस्कार विजेता मराठी फिल्म निर्देशक प्रकाश ओक ने कहा कि हम अपमानित महसूस कर रहे हैं। प्रकाश ओक ने मीड़िया से बातचीत में बताया कि 75 पुरस्कार विजेताओं ने आज पुरस्कार समारोह के बहिष्कार की चेतावनी दी है।

राष्ट्रपति भवन के सूत्रों की माने तों राष्ट्रपति राम कोविंद प्रोटोकॉल के अनुसार किसी भी कार्यक्रम को सिर्फ एक घंटे का समय देते हैं। इस दौरान यदि वे सभी पुरस्कृत लोगों को खुद सम्मानित न कर पाए तो शेष पुरस्कार केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी देंगी।

राष्ट्रपति के मीडिया सलाहकार अशोक मलिक का कहना है कि पद ग्रहण करने के बाद से वह प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। लेकिन जाने से पहले सभी पुरस्कृत लोगों के साथ एक ग्रुप फोटो जरूर खिंचवाएंगे। अभी तक राष्ट्रपति सभी राष्ट्रीय पुरस्कार स्वयं देते थे। इस बार भी आमंत्रण पत्र पर यही सूचना है। इसी बात से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित होने वाली कुछ लोगों में आक्रोश है।

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