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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दावोस के वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में देश के विकास को लेकर इतनी बड़ी बड़ी बातें की हैं कि यकीन नहीं होता वे भारत की बात कर रहे थे।

देश में शांति, स्वास्थ और सुख के लिए दुनिया को भारत आने का आमंत्रण देने वाली पीएम साहब। हूल गए कि देश में किस हद तक अशांति, असुख और स्वास्थ्य सेवाएं नरक जैसी हैं।

निजी अस्पताल का हाल सबने देखा आई। और रही सही कसर अंतरराष्ट्रीय राइट्स समूह ऑक्सफेम की ओर से यह सर्वेक्षण ने पूरी कर दी है। जिसमें कहा गया है कि 67 करोड़ भारतीयों की संपत्ति में सिर्फ एक प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

जाहिर है ये आंकड़े न सिर्फ देश मे विकास की पोल खोलते हैं बल्कि मोदी साहब के भाषण का सच भी बयां करते हैं। ऐसे में राहुल गांधी ने भी अगर पीएम पर इस बाबत तंज कसा है तो इसमें गलत कुछ भी नहीं लगना चाहिए।

दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी पर राहुल गांधी का तंज कसते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री जी को पूरी दुनिया को यह बताना चाहिए कि क्यों देश की 73 फीसदी संपत्ति पर सिर्फ एक फीसदी पूंजीपतियों का कब्जा है।
उन्होंने सोशल मीडिया ट्विटर पर लिखा है, “प्रिय प्रधानमंत्री जी, स्विटजरलैंड में आपका स्वागत है। कृपया दावोस को बताइए कि क्यों भारत की 73 फीसदी संपत्ति पर एक फीसदी आबादी का कब्जा है? मैं आपके अवलोकन के लिए एक रिपोर्ट भी संगल्न कर रहा हूं।” इस ट्वीट के साथ ही राहुल गांधी ने एक खबर को भी टैग किया है।

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बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व आर्थिक मंच के सालाना सम्मेलन में भाग लेने के लिए दावोस गए हुए हैं। दावोस में मंच को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन को पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा बताया है।

बता दें कि सर्वेक्षण के नतीजे से खुलासा हुआ है कि देश में साल 2017 में कुल संपत्ति के सृजन का 73 फीसदी हिस्सा केवल एक फीसदी अमीर लोगों के पास है।
इस सर्वेक्षण में देश में चौड़ी होती आर्थिक असमानता की खाई के बारे में भी चर्चा की गई है।

राजनीति अपनी जगह पर है लेकिन ये आंकड़े आरोप प्रत्यारोप से कहीं ज्यादा हैं। जनता के सामने इस बात का जवाब देना होगा कि सामाजिक खाई को बढ़ने से कैसे रोका जाए। अगर असमानता का स्तर यही रहा तो आगे चलकर कुछ नहीं बचेगा।

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