Dr Ankur Agarwal, Nitasha Biswas, Dr Vaibhav Kumar addressing the conference 2

सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा का लक्ष्य समाज के सभी वर्गों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुंह का स्वास्थ्य (ओरल हेल्थ) समग्र सार्वजनिक स्वास्थ्य का अभिन्न हिस्सा है। लेकिन हमारे देश में अक्सर इस नेक इरादे की अनदेखी होती है और समाज के कुछ समुदाय स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे से बाहर रह जाते हैं। हालांकि कुछ समुदायों के स्वास्थ्य सेवाओं से बंचित रहने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन इस मौजूदा विशमता को तत्काल दूर किया जाना आवष्यक है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कर्तव्य नामक परियोजना की षुरुआत की जा रही है जिसका उद्देष्य उस समुदाय को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है जो स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे से बिल्कुल बाहर हैं। यह समुदाय ट्रांसजेंडरों का है। यह परियोजना मुंबई के डा. वैभव कुमार (एमडीएस – सार्वजनिक स्वास्थ्य दंत चिकित्सक एवं परियोजना निदेशक, कर्तव्य) द्वारा शुरू की जा रही है।  डा. वैभव कुमार इस परियोजना के बारे में बताते हैं, ‘‘इस परियोजना का उद्देष्य पहुंच, सार्मथ्यता और जागरूकता की कई बाधाओं को पार करते हुए इस समुदाय को हेल्थकेयर उपलब्ध कराना है ताकि इसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य देखभाल के प्रति साकारात्मक दृश्टिकोण विकसित हो सके।’’ अंतर्राश्ट्रीय प्रतिस्पर्धा – मिस इंटरनेशनल क्वीन, 2018 में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही मिस ट्रांसक्विन इंडिया 2017 -सुश्री नताशा बिस्वास कर्तव्य परियोजना की सदभावना राजदूत हैं।
इस परियोजना का तात्कालिक उद्देश्य सभी बाधाओं को दूर करना तथा लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है जबकि इसका दीर्घकालिक उद्देष्य स्वास्थ्य सेवाओं के सभी क्षेत्रों को षामिल करना है ताकि समग्र और भेदभाव रहित ओरल स्वास्थ्य सेवाओं को बहुआयामी आधार पर व्यापक रूप से समुदाय को उपलब्ध कराया जा सके, इस समुदाय के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का सृजन किया जा सके और भागीदारी के आधार पर समुदाय हितैशी डेंटल क्लिनिकों की शुरुआत  की जा सके। मिस नताशा कहती हैं, ‘‘हम एचआईवी/ एड्स आदि जैसे स्वास्थ्य क्षेत्र के विभिन्न विशेषताओं पर काम करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे पास कामों की एक लंबी सूची है जो कभी खत्म नहीं होगी। मैं कर्तव्य परियोजना का हिस्सा बनी क्योंकि मैंने पाया कि ओरल हेल्थकेयर के उद्देष्य और मेरे सौंदर्य के प्रति सम्मान एक दूसरे के प्रतिपूरक हैं। रोजमर्रे के जीवन की व्यस्तताओं के कारण ओरल हेल्थ की अनदेखी हो जाती है। मैं केवल यह नहीं चाहती कि भविश्य में बेहतर जीवन के लिए मेरे समुदाय के लोग ओरल हेल्थकेयर से संबंधित मुद्दों के बारे में जागरूक हों बल्कि मैं भारत में हर जगह पर तथा मिस इंटरनेशनल क्विन, 2017 तक मेरी यात्रा के जरिए पूरी दुनिया में कर्तव्य की बेहतरीन भावना को फैलाना चाहती हूं।’’
डॉ. वैभव कुमार ने कहा, ‘‘हम मानते हैं कि स्वास्थ्य का आनंद न केवल उपचारात्मक एवं स्वास्थ्य को कायम रखने के लिए किए जाने वाले निवारक उपायों के माध्यम से ही नहीं लिया जा सकता है, बल्कि कम खर्च में बेहतर जीवन यापन को बढ़ावा देकर भी इस आनंद को हासिल किया जा सकता है। इस तरह से स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारकों पर भी ध्यान केंद्रित करके सशक्तिकरण हासिल किया जा सकता है। ट्रांसजेंडर समुदाय को ओरल हेल्थकेयर प्रदान करने की दिशा में संभवतः यह पहला सार्वजनिक कदम है।’’
कर्तव्य का लक्ष्य न केवल बुनियादी ओरल हेल्थकेयर उपलब्ध कराना है (जो सभी के लिए एक मौलिक संवैधानिक अधिकार है) बल्कि ओरल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वालों तथा ट्रांसजेंडर समुदाय के बीच की सभी बाधाओं को तोड़ना है, जो कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। दिल्ली – राजधानी क्षेत्र में कर्तव्य की प्रथम शाखा के शुभारंभ की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी है। दिव्य ज्योति काॅलेज आॅफ डेंटल साइंसेस एंड रिसर्च के प्रिसिपल एवं डीन तथा दिल्ली-एनसीआर के लिए कार्यक्रम निदेशक डाॅ. रीमा आर. कुमार ने इस बारे में कहा, ‘‘डेंटल समानता इस व्यवस्था के प्राथमिक पहलु हैं। हम मानते हैं कि इस तरह की पहल ओरल स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी पहलुओं के एकीकरण के लिहाज से ख़ास हैं.  सभी को ओरल हेल्थ की सुविधाएं उपलब्ध कराना वक्त का तकाजा है।’’

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