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सिमडेगा, झारखंड
जिले के कुरडेग प्रखंड में बारिश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। किसानों को धान की फसल को लेकर चिंता सताने लगी है। मानसून की बेरुखी से धान की खेती कैसे किया जाए समस्या बनी हुई है। तेज धूप से खेतों में दरार पड़ने लगी लगी है। प्रखंड के दर्जनों गांव बगाई, कसडेगा, लिट्टीमारा, लबडेरा, जेरवा, चड़रीमुण्डा, छाताकाहू, कुरडेग, खालीजोर, बड़कीबिऊरा, छोटकीबिऊरा, बनगाँव, डोंड़ापानी समेत विभिन्न गांवों में के फसल अब पानी के आस में सूखने के कगार पर है, खेतों में दरार पड़ने लगी है। पिछले कई दिनों से वर्षा नहीं हुई है।

अधगढि़यन चौंरा धान सूख रहा है। किसानों का कहना है कि इन साल मानसून दगा दे गया। पहले तो बारिश अच्छी रही पर बारिश का बंद हुए अभी एक महीने होने वाला है। खरीफ फसलों में धान ही नहीं दलहन एवं तिलहन की खेती भी सूखे की चपेट में है। डोंड़ापानी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप टोप्पो ने भी माना कि पानी कहीं नहीं है।

कसडेगा निवासी किसान रोमानुस कुल्लू ने कहा कि रोपनी में उन्नत बीज पर 5000 रुपये, मजदूरी भुगतान पर 3000 रुपये के अलावे खाद आदि पर व्यय करने के बावजूद अब स्थिति दयनीय हो गई है। फसल नहीं होगा तो भूखे मरने की भी नौबत आ सकती है।
पोस्टल पिन कोड 835201 835211 835212 835223 835226 835228

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