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आजकल हर बैंक डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल बैंकिंग को इस्तेमाल करने की हिदायत देते हैं। उपभोक्ता भी बैंकों की बातों में आकर अपने अपने स्मार्टफोन में संबंधित बैंक एप्पलीकेशन इंस्टाल कर लेते हैं।

लेकिन अब दिक्कत यह है कि वर्चुअल दुनिया के लुटेरे आपके पैसों पर सेंध लगाने के लिए डालने मालवेयर घुसेड़ रहे हैं। हाल यह है कि कई बैंकों की एप्स गायक हो चुकी है और बैंक भी इस मामले में लाचार खड़े नजर आ रहे हैं।

दरअसल इस बाबत कुछ बैंकों ने अपने कस्टमर्स को मोबाइल बैंकिंग मालवेयर को लेकर चेतावनी जारी की है। क्विक हील सिक्यॉरिटी लैब ने बताया कि उसने एक एंड्रॉयड बैंकिंग ट्रोजन की पहचान की है, जिसके निशाने पर 232 बैंकिंग ऐप हैं।

इस मालवेयर की पहचान Android.banker.A2f8a के तौर पर हुई है (इससे पहले यह Android.banker.A9480 के नाम से आया था)। यह मालवेयर बैकग्राउंड में काम करता है और फेक नोटिफिकेशन भेजता है, जो देखने में बैंकिंग ऐप्लिकेशन जैसे लगते हैं।

जब यूजर इस ऐप्लिकेशन को खोलता है तो उसे फेक लॉगइन स्क्रीन पर ले जाता है, जिसके बाद यूजर का गोपनीय डेटा चुरा लिया जाता है। यह मालवेयर बैंक द्वारा भेजे गए एसएमएस और ओटीपी भी पढ़ सकता है।

जाहिर है ऐसे मामले में बैंक भी मदद कर लिए आगे नहीं आएगा और आपका सारा पैसा कोई और उड़ा ले जाएगा।

अब एक ही उपाय बचता है। या तो इज एप्प को आज ही फ़ोन से निकाल फेंकिए या फिर पेमेंट ऐप्लिकेशन डेटा सिक्यॉरिटी स्टैंडर्ड्स के नियमों का पालन करें। पैसा आपका है सो अलर्ट भी आपको ही रहना होगा।

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