(फाइल फोटो)
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नई दिल्ली :
त्रकारिता की दुनिया से राजनीती में आने वाले पीएम मोदी के टीम के अहम केन्द्रीय मंत्री लगातार यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरते जा रहे हैं। अब तक सोलह महिलाओं ने मोदी सरकार के राज्य विदेश मंत्री एम. जे. अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। जिस दिन अकबर ने 97 वकीलों की भारी-भरकम फौज के साथ पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर करवाया, ठीक उसी दिन दो और महिलाओं ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

ताजा मामले में पत्रकार तुषिता पटेल ने द स्क्रॉल डॉट इन पर आपबीती लिखकर आरोप लगाया कि 1990 में जब वे ‘द टेलीग्राफ’ में बतौर प्रशिक्षु काम कर रहीं थीं, एक दिन एम. जे. अबकर ने किसी काम के बहाने उन्हें (तुषिता को) कमरे में बुलाया और जब अकबर ने दरवाजा खोला तो वे केवल अंडरवीयर पहने हुए थे। तुषिता ने अकबर पर उनके साथ दो बार बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। दूसरी घटना तब हुई, जब वह हैदराबाद में ‘डेक्कन क्रॉनिकल’ में काम करती थीं।

हिंदी सामाचार चैनल एनडीटीवी ने अपने कार्यक्रम प्राइम टाइम में इस विषय पर मंगलवार 16 अक्तूबर 2018 को विस्तार से कार्यक्रम प्रसारित किया है। प्राइम टाइम के प्रस्तुतकर्ता वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार ने कार्यक्रम में तुषिता पटेल के हवाले से बताया कि 1993 में हैदराबाद में काम के दौरान अकबर उन्हें (तुषिता को) ज़ोर से डांटने के बाद  अचानक उठे और उसे दबोचकर चूम लिया।

इसी तरह ‘द क्विंट’ के लिए लिखने वाली उद्यमी स्वाती गौतम ने एम. जे. अबकर पर आरोप लगाया है कि जब वह छात्रा थीं तब कोलकाता में अकबर से उनके (अकबर के) कमरे में मिले थे और उन्होंने केवल बाथरोब पहन रखा था। वह अकबर को सेंट जेवियर्स कॉलेज के एक सामरोह के लिए आमंत्रित (बतौर अतिथि वक्ता) करने गईं थीं।

‘भारतीय महिला प्रेस कोर’ ने भी आज केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिख कहा कि यह बेहद निराशाजनक है कि राज्य विदेश मंत्री के खिलाफ आरोपों की लंबी सूची होने के बावजूद भी सरकार ने आधिकारिक तौर पर कोई जांच शुरू नहीं की है। बयान में अकबर का नाम लिए बिना कहा गया है कि ‘‘हमारा मानना है कि मंत्री के अपने पद पर बने रहने से गलत संदेश बाहर जाएगा कि सरकार इस गंभीर मुद्दे को लेकर उदासीन है।”

इन नए आरोपों पर एम. जे. अबकर ने मीडिया के सामने आकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रया नहीं दिया है। अकबर अपने मंत्रालय में सामान्य तौर पर अपना काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अपने ऊपर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर करवाया है। अकबर पर ‘मीटू’ अभियान के जरिए यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली कई महिलाओं में प्रिया रमानी भी शामिल हैं।

अकबर द्वारा मानहानि का मुकदमा दायर किये जाने के बाद प्रिया रमानी ने अपने एक बयान में कहा है कि “मैं काफी निराश हूं कि केंद्रीय मंत्री ने कई महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों को राजनीतिक साजिश करार देते हुए खारिज कर दिया। मेरे खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर करके अकबर ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।”

 

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