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सुनने में अजीब लगता है लेकिन है सोना आने सच। 21 वीं सदी वाले इस देश में आज भी कई इलाके हैं जहां युवा लड़कों का अपहरण करके उनकी जबरन शादी कराई जाती है।

इन तरह की शादी को अपराध और पुलिस के आंकड़ों में पकड़वा शादी की संज्ञा दी गयी है। इस तरह का अपराध ज्यादातर बिहार राज्य में होता है।

अभी हाल में पुलिस ने भी इन मामले में चौंकाने वाले आंकड़े दिए हैं। दरअसल बिहार में दूल्हों को अगवा कर ‘पकड़वा विवाह’ करने का चलन बढ़ता जा रहा है।

पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 में 3405 दूल्हों को अगवा कर उन्हें शादी के लिए मजबूर किया गया था जबकि इससे पहले 2015 में 3000 और 2014 में 2526 दूल्हों की शादी बंदूक के जोर पर कराई गई।

हाल तो इतना बुरा है कि युवा इलाका छोड़कर इस डर से बाहर भाग जाते हैं कि कहीं उनकी भी शादी न कर दी जाए।

एक अनुमान के मुताबिक, बिहार में औसतन प्रतिदिन ऐसी नौ शादियां हो रही हैं। इन घटनाओं में बढ़ोतरी के मद्देनजर पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को शादियों के मौसम में मुस्तैद रहने को कहा है।

नैशनल क्राइम रेकॉर्ड्स ब्यूरो की 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक, शादी के लिए 18 से 30 साल तक के युवाओं को अगवा करने के मामले में बिहार अब शीर्ष पर है।

अपहरण के आंकड़ों का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा अकेले बिहार राज्य का है। हालांकि शादी समेत दूसरे कई अन्य कारणों के तहत अपहरण की सबसे ऊंची दर असम की है, जहां कुल 3883 लोगों को अगवा किया गया।

आपको याद होगा कि पिछले महीने पटना के नजदीक गांव में एक इंजिनियर की जबरन कराई गई शादी देश में चर्चा का विषय बनी थी। सरकार, पुलिस और प्रशासन इस अपराध वाले चलन को रोक नहीं पाया है यह अपने आप में शर्म की बात है।

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