(फाइल फोटो)
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‘‘उस समय कार्यकर्ताओं, विधायकों और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मुझसे कहा कि निर्णय मुफ्ती साहब द्वारा किया गया था और आपको यह जहर पीना होगा और यह आग अपने सिर पर लेकर चलना होगा। यदि आप ऐसा नहीं करेंगी तो यह मुफ्ती साहब के निर्णय का अनादर होगा’’ : महबूबा मुफ्ती 


श्रीनगर (नेशनल डेस्क)

भाजपा से गठबंधन टूटने और सरकार के गिर जाने के बाद पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने 2016 में अपने पिता के निधन के बाद भाजपा के साथ गठबंधन मजबूरी में जारी रखकर ‘‘जहर का प्याला पीया’’। महबूबा ने दावा किया कि उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन इसलिए किया था क्योंकि उनकी पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बताया कि यदि वह भाजपा के साथ सरकार बनाने के सईद के निर्णय के खिलाफ गईं तो वह उनका ‘‘अनादर’’ होगा। उन्होंने कहा, ‘‘अल्लाह गवाह है कि मेरी राजनीति मेरे पिता (सिद्धांतों) से शुरू हुई और उन्हीं पर समाप्त होगी। यही कारण है कि जब उन्होंने दुनिया छोड़ी तो मैं सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं थी। मुझे तीन महीने का समय लगा। मैंने यह कभी नहीं सोचा था कि मैं मुख्यमंत्री बनूंगी। मैंने केवल जम्मू कश्मीर के लोगों को वर्तमान स्थिति से बाहर निकालने के अपने पिता के एजेंडे को पूरा करने के बारे में सोचा’’।

महबूबा ने कहा कि यहां तक कि जब उन्होंने भाजपा के साथ सरकार बनाने की सहमति दी, उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि वे मुख्यमंत्री के तौर पर किसी अन्य व्यक्ति को चुन लें। महबूबा मुफ्ती ने अपनी पार्टी के 19वें स्थापना दिवस के मौके पर कहा कि ‘‘उस समय कार्यकर्ताओं, विधायकों और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मुझसे कहा कि निर्णय मुफ्ती साहब द्वारा किया गया था और आपको यह जहर पीना होगा और यह आग अपने सिर पर लेकर चलना होगा। यदि आप ऐसा नहीं करेंगी तो यह मुफ्ती साहब के निर्णय का अनादर होगा।’’

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