Print Friendly, PDF & Email



आखिरी दिन से एक दिन पहले यानी शनिवार 13 जनवरी को विश्व पुस्तक मेले में बने थीम मंडप पर जानी मानी लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने मधुर सुरों के साथ पर्यावरण पर आधारित लोकगीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। पुस्तक प्रेमी इन लोकगीतों पर झूमते थिरकते नज़र आए। निमिया की डार मैया तथा धोबिया जैसे लोकगीतों की प्रस्तुति से उन्होंने दर्षकों का मन मोह लिया।

यहाँ उपस्थित न्यास के अध्यक्ष डॉ. बल्देव भाई शर्मा ने मालिनी अवस्थी की सराहना करते हुए उन्हें भारतीय लोक संस्कृति की उपासक तथा लोक संस्कृति की एन्साइक्लोपीडिया कहा। हॉल सं. 7 में मालिनी अवस्थी के गीतों को सुनने के लिए पुस्तक प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी और सभी ने इस प्रस्तुति का खूब आनंद उठाया। ऐसा लग रहा था कि प्रकृति का संदेश देने वाले लोकगीतों पर पूरा पुस्तक मेला झूम उठा।

शनिवार, छुट्टी का दिन और दिल्ली वालों में पढ़ने का उत्साह, लगन और उत्सुकता उन्हें पुस्तकों के वृहद संसार में ले आई। पुस्तक मेले का दृश्य देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पुस्तक प्रेमी बचे हुए इन दो दिनों का भरपूर लाभ उठा लेना चाहते हों। शाम पाँच बजे तक एक लाख से अधिक लोग मेले में आ चुके थे। किसी भी हॉल में, किसी भी स्टॉल पर देखिए, हर तरफ पुस्तक-प्रेमियों की अपार भीड़ नज़र आ रही थी।

मेट्रो स्टेशनों पर मेले का टिकट खरीदने वालों की लंबी कतारें देखी गईं। मेले में पाकिस्तान के उच्चायुक्त श्री सोहेल महमूद आए तथा उन्होंने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की पहल हर हाथ एक किताब के तहत अनेक पुस्तकें दान कीं ।

बच्चों और उनके अभिभावकों को पूरे उत्साह के साथ अपनी पसंद की पुस्तकें देखते, पलटते और खरीदते देखकर अपार हर्ष की अनुभूति हो रही थी। मुद्रित पुस्तकों का भविष्य केवल सुरक्षित ही नहीं वरन उज्ज्वल है, इसमें कोई दो राय हो ही नहीं सकती।

मेले में विदेषी मंडप पर बने इंटरनेशनल इवेंट्स कॉर्नर पर सुश्री मारिको शिन्ज्यु द्वारा लिखित एवं राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा प्रकाशित जापानी पुस्तक मोत्ताइनाइ दादी माँ  (मोत्ताइनाइ ग्रैंड माँ) का लोकार्पण हुआ। इस पुस्तक का अनुवाद श्री प्रेम प्रकाश द्वारा किया गया है। पुस्तक लोकार्पण अवसर पर न्यास अध्यक्ष, डॉ. बल्देव भाई शर्मा, न्यास निदेशक डॉ. रीता चैधरी, लेखिका मारिको शिन्ज्यु, अनुवादक प्रेम प्रकाश, ताकायोषी तांगे तथा युताका किकुता उपस्थित थे।

डॉ. बल्देव भाई शर्मा ने बताया कि यह पुस्तक बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाती है। बच्चों को रोचकता से सिखाना आवश्यक है इसलिए इस पुस्तक को सचित्र बनाया गया है। डॉ. शर्मा ने कहा कि हमें प्रसन्नता होगी यदि हम इस कड़ी में और अधिक पुस्तकों का प्रकाशन कर सकें। यहाँ डॉ. रीता चैधरी ने कहा कि भारत तथा जापान दोनों ही देषों में कहानियों के संबंध में दादी माँ या ग्रैंड माँ की समान अवधारणा है। यही कारण है कि यह पुस्तक भारतीय संदर्भ में बहुत प्रासंगिक है।

थीम मंडप

इस मंच पर विज्ञान प्रसार, दिल्ली द्वारा ’क्लाइमेट चेंज एडप्टेशन : इज़ इंडिया रेडी?’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन हुआ जिसमें वक्ता के रूप में उपस्थित थे- इंडियन हिमालया क्लाइमेट एडेप्टेशन प्रोग्राम के टीम लीडर डॉ. मुस्तफा अली खान तथा वसुधा फाउंडेशन के श्री रमन मेहता। कार्यक्रम का संचालन श्री दिनेश सी. शर्मा ने किया। कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के कृशि तथा मौसम पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की गई।

सेंटर फॉर साईंस एंड एन्वायरनमेंट, दिल्ली द्वारा पुस्तक लोकार्पण एवं परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें पुस्तकों यथा – क्लाइमेट चेंज नाउ : द स्टोरी ऑफ़ कार्बन कोलोनाइज़ेशन, क्लाइमेट चेंज : फॉर द यंग एंड क्यूरियस तथा गैटिंग टू नो अबाउट एन्वायरनमेंट (बच्चों हेतु पुस्तक) का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर उपस्थित प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुनीता नारायण ने वातावरण प्रदूशित होने के प्रमुख कारणों जैसे गाड़ियों से निकलने वाला धुआँ, कचरे का जलना, औद्योगिक प्रदूशण आदि पर चर्चा की।

बाल मंडप

इस मंच पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास तथा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में हर हाथ एक किताब विषय पर चित्रकारी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 70-80 बच्चों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, यहाँ संगीता इंस्टीट्यूट ऑफ़ परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा रंगारंग गीत-संगीत प्रस्तुति आयोजित की गई।

इस रोमांचक मंच पर बाल साहित्यकारों ने बच्चों को विभिन्न कहानियाँ एवं कविताएँ सुनाईं। इस अवसर पर उपस्थित थे लेखक डॉ. दिनेश चमोला, रजनीकांत शुक्ल, किषोर श्रीवास्तव, मानस रंजन महापात्र तथा संगीता सेठी। बचपन कितना प्यारा होता है नामक कहानी तथा देशभक्ति गीत आओ बच्चों तुम्हें दिखाएँ झांकी हिंदुस्तान की सुनाए गए जिसमें विभिन्न स्कूलों एवं स्वयंसेवी संगठनों से आए बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

साहित्यिक गतिविधियाँ

ऑथर्स कॉर्नर, कन्वर्सेषंस पर प्रसिद्ध पौराणिक कथाकार एवं लेखक देवदत्त पटनायक आए तथा पौराणिक कथाओं के चित्रण पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

साहित्य मंच पर मुझे बनना है यूपीएससी टॉपर तथा ऑल अबाउट यूपीएससी सिविल सर्विस एग्ज़ाम नामक पुस्तकों का लोकार्पण हुआ जिसमें आईएएस श्री निशांत जैन तथा श्री दयाल उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होनें युवाओं को बताया कि मेहनत ही सफलता की सीढ़ी है और हमें अपने लक्ष्य पर केंद्रित होना ज़रूरी है।

इस पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रिया ⇓
loading...