Print Friendly, PDF & Email



रांची, झारखंड
भारतीय क्रिकेट की शान और हर दल अज़ीज़ महेंद्र सिंह धोनी आज 37 वर्ष के हो गए हैं, 7 जुलाई 1981 को जन्में एम एस धोनी ने भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई इबारत लिखी हैं। उनकी बल्लेबाज़ी, विकेट कीपिंग और उनकी कप्तानी ने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को ख़ुशी से झूमने के अनगिनत मौक़े दिए हैं। धोनी ने कई मौक़ों पर हारी हुई बाज़ी जीती है और इसलिए उनको कहा जाता है, ”अनहोनी को जो होनी कर दें, वह हैं महेंद्र सिंह धोनी”।

दुनिया के इस सबसे बड़े कप्तान के जन्मदिन के मौक़े पर हमने भी उनकी ज़िंदगी से जुड़ी बातें जिसे पढ़कर आप भी कहेंगे कि माही का जवाब नहीं।

महेंद्र सिंह धोनी के करिश्माई सफर

  • एम एस धोनी, तीनों फ़ॉर्मेट में भारत की कप्तानी करने वाले पहले विकेटकीपर बल्लेबाज़ हैं।
  • टी20 वर्ल्डकप जिताने वाले दुनिया के पहले कप्तान हैं महेंद्र सिंह धोनी।
  • किसी भी विकेटकीपर बल्लेबाज़ का वनडे में सबसे बड़ा स्कोर 183* है धोनी के नाम, जो आज भी एक रिकॉर्ड है। धोनी ने श्रीलंका के ख़िलाफ़ 2005 में 299 रनों का पीछा करते हुए ये स्कोर बनाया था, इस पारी में 10 छक्के भी शामिल थे।
  • टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले और इकलौते भारतीय विकेटकीपर कप्तान हैं माही।
  • वनडे क्रिकेट में 217 छक्का लगाने वाले एम एस धोनी भारत की ओर से सबसे ज़्यादा और दुनिया के चौथे सबसे ज़्यादा छक्का लगाने वाले बल्लेबाज़ हैं।
  • वनडे में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज़ हैं एम एस धोनी।
  • 500 अंतर्राष्ट्रीय मुक़ाबला खेलने वाले दुनिया के पहले और इकलौते विकेटकीपर बल्लेबाज़ का रिकॉर्ड भी पूर्व कैप्टेन कूल एम एस धोनी के ही नाम है।
  • 500 अंतर्राष्ट्रीय मुक़ाबला खेलने वाले तीसरे भारतीय क्रिकेटर हैं धोनी, उनसे पहले ये कारनामा सिर्फ़ सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ ने किया था।
  • धोनी ने वनडे क्रिकेट में डेब्यू 2004 में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ किया था, जिसमें वह शून्य पर रन आउट हो गए थे।
  • टेस्ट मैचों में धोनी ने अपना पहला मैच 2005 में श्रीलंका के ख़िलाफ़ खेला था।
  • महेंद्र सिंह धोनी ने वनडे और टेस्ट दोनों में ही अपना पहला शतक पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बनाया था और दोनों ही बार उन्होंने 148 रनों की पारी खेली थी।
  • धोनी ने 90 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है जिसमें उनके नाम 6 शतक हैं।
  • एम एस धोनी ने अब तक 318 वनडे खेले हैं जिसमें उनकी औसत 51.37 की है और वह 10000 क्लब में शामिल होने से बस 33 रन दूर हैं।
  • धोनी के नाम अब तक 92 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मुक़ाबले दर्ज हैं और वह अब भी टीम इंडिया के शानदार फ़िनिशर की भूमिका में हैं।
  • 2008 और 2009 में लगातार दो साल धोनी को आईसीसी की ओर से वनडे प्लेयर ऑफ़ द ईयर के ख़िताब से नवाज़ा गया।
  • आईसीसी के वनडे प्लेयर ऑफ़ द ईयर का अवॉर्ड लगातार दो बार जीतने वाले धोनी दुनिया के पहले क्रिकेटर हैं।
  • एम एस धोनी को 2007 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से नवाज़ा गया था।
  • 2009 में उन्हें भारत के चौथे सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड पद्मश्री से भा नवाज़ा गया।
  • 2018 में धोनी को देश के तीसरे सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार पद्म भूषण से भी नवाज़ा गया।
  • 2009, 2010 और 2013 में महेंद्र सिंह धोनी को आईसीसी ने आईसीसी टेस्ट-XI का कप्तान चुना।
  • धोनी 8 बार आईसीसी वनडे-XI का भी हिस्सा रह चुके हैं जिसमें 5 बार उन्हें कप्तान चुना गया, जो एक रिकॉर्ड है।
  • 1 नवंबर 2011 को भारतीय आर्मी की तरफ़ से एम एस धोनी को लेफ़्टेनेंट की उपाधि से भी सम्मानित किया गया।
  • कपिल देव के बाद इस सम्मान को पाने वाले महेंद्र सिंह धोनी सिर्फ़ दूसरे क्रिकेटर हैं।
  • धोनी के नाम टेस्ट, वनडे और टी20 अंतर्राष्ट्रीय में सबसे ज़्यादा कप्तानी और अपनी कप्तानी में मैच जिताने का रिकॉर्ड है।
  • एम एस धोनी को पहली बार भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी का मौक़ा 2007 टी20 वर्ल्डकप में मिला था, जहाँ उन्होंने टीम इंडिया को वर्ल्ड चैंपियन बना दिया था।
  • वनडे में पहली बार एम एस धोनी ने टीम इंडिया की कप्तानी भी 2007 में की थी, उन्हें राहुल द्रविड़ की जगह कप्तान बनाया गया था।
  • धोनी की कप्तानी में ही पहली बार टीम इंडिया टेस्ट की नंबर वन टीम बनी थी।
  • 2011 में धोनी की कप्तानी में भारत ने 50-50 ओवर का वर्ल्डकप भी जीता, कपिल देव के बाद भारत को वनडे का वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले धोनी सिर्फ़ दूसरे कप्तान हैं।
  • 2011 वर्ल्डकप फ़ाइनल में एम एस धोनी ने श्रीलंका के ख़िलाफ़ 79 गेंदों में 91 रनों की नाबाद पारी खेली थी और छक्के के साथ टीम इंडिया को चैंपियन बनाया था।
  • 2011 वर्ल्डकप के फ़ाइनल में मैन ऑफ़ द मैच रहे एम एस धोनी पहले और इकलौते भारतीय कप्तान हैं जिन्हें वर्ल्डकप के फ़ाइनल में इस अवॉर्ड से नवाज़ा गया।
  • 2013 में एम एस धोनी की कप्तानी में भारत इंग्लैंड में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफ़ी में चैंपियन रही थी, जिसके बाद धोनी के नाम आईसीसी की तीनों ट्रॉफ़ी जीतने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया।
  • 2013 में 40 सालों में पहली बार भारत ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट सीरीज़ में क्लीन स्वीप किया था, और ये जीत एम एस धोनी की ही कप्तानी में आई थी।
  • 2015-2016 में भारत पहली टीम बनी थी जिसने ऑस्ट्रेलिया का उसी की सरज़मीं पर व्हाइटवॉश किया हो, भारत ने तब एम एस धोनी की कप्तानी में 3 मैचों की टी20 सीरीज़ में कंगारुओं को 3-0 से हराया था।
  • 2011 में प्रतिष्ठित टाइम मैगज़ीन ने एम एस धोनी को दुनिया के 100 प्रभावशाली शख़्सियत में जगह दी थी।
  • 2015 में प्रतिष्ठित मैगज़ीन फ़ोर्ब्स ने एम एस धोनी को दुनिया का 23वां सबसे अमीर एथलीट क़रार दिया था।
  • एम एस धोनी ने 500 अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबलों में कुल 780 शिकार किए हैं और ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय और दुनिया के तीसरे विकेटकीपर हैं, उनसे ऊपर सिर्फ़ दक्षिण अफ़्रीका के मार्क बाउचर (998) और ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट (905) हैं।
  • विश्व क्रिकेट में सबसे ज़्यादा 178 स्टंपिंग का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी एम एस धोनी के नाम है, टी20 अंतर्राष्ट्रीय में धोनी के नाम 82 स्टंपिंग का वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
यह भी पढ़ें :  बस दुर्घटनाग्रस्त, एक की मौत, दर्जनों घायल

ये तो बस उनके क्रिकेट जीवन पर आधारित आंकड़ों में संजोय हुए रिकॉर्ड मात्र हैं, इसके अलावा धोनी ने कई और भी ऐसे तोहफ़े दिए हैं जो न कोई भारतीय प्रशंसक भूल सकता है और न ही कोई दूसरा उनके पास पहुंचने का सपना भी देख सकता है। भारत के अब तक के सफलतम कप्तान और निसंदेह सबसे बड़े रत्न को हम सभी की तरफ़ से जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं।

इस पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रिया ⇓
loading...